भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर की ‘द चैम्प्स फाउंडेशन’ ने हॉकी ओलंपियन मोहिंदर पाल सिंह की मदद की, जो पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे हैं. उनकी यह संस्था दो दशक से ज्यादा समय से उन खिलाड़ियों की मदद कर रही है, जो वित्तीय समस्याओं से जूझ रहे होते हैं.
एमपी सिंह के नाम से मशहूर 58 साल के मोहिंदर पाल सिंह किडनी की बीमारी से ग्रसित हैं और वह डाइलिसिस पर हैं और प्रत्यारोपण के लिए ‘डोनर’ का इंतजार कर रहे हैं.
जब गावस्कर से संपर्क किया गया, तो उन्होंने सीएचएएमपीएस ‘चैम्प्स’ फाउंडेशन के बारे में पीटीआई से कहा, ‘मैं मीडिया में पढ़ता रहता था कि पूर्व ओलंपियन और अंतरराष्ट्रीय पदकधारियों बाद में कितनी मुश्किलों का सामना करते हैं.’ उन्होंने कहा, ‘एमपी सिंह के स्वास्थ्य की सूचना भी मुझे मीडिया (अखबार) से मिली.’
एमपी सिंह उस भारतीय हॉकी टीम का अहम हिस्सा थे, जिसने 1988 के सियोल ओलंपिक में हिस्सा लिया था. वह मोहम्मद शाहिद, एमएम सोमाया, जूड फेलिक्स, परगट सिंह जैसे खिलाड़ियों के साथ खेल चुके हैं.
पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान ने कहा कि ऐसी कोई संस्था नहीं थी, जो पूर्व स्टार खिलाड़ियों की मदद करे. उन्होंने कहा, ‘शिक्षा, स्वास्थ्य, बच्चों और वृद्ध नागरिकों के लिए काफी संस्थाएं हैं, लेकिन पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के लिए कोई नहीं है. इसलिए मैंने निजी योगदान के साथ एक फाउंडेशन बनाने का सोचा. तब हमने 1983 विश्व कप टीम के सदस्यों के साथ ‘डबल विकेट टूर्नामेंट’ आयोजित किया था जिसमें एक उद्योगपति और एक कॉरपोरेट प्रमुख ने दान किया.’
अब तक इस फाउंडेशन ने 21 पूर्व खिलाड़ियों की मदद की है, जिसमें मासिक सहायता के अलावा उनका चिकित्सा खर्चों की देखभाल करना शामिल है.