सचिन तेंदुलकर ने कहा कि जब वह अमेरिका में कैंसर का इलाज कराने के बाद लौटे युवराज सिंह से लंदन में मिले थे तो उन्हें डर था कि कहीं बायें हाथ के इस बल्लेबाज के सामने उनके आंसू न निकल जाएं.
तेंदुलकर ने युवराज की किताब ‘द टेस्ट ऑफ माइ लाइफ’ के रिलीज के अवसर पर कहा, ‘जब मैं लंदन में उससे मिलने गया तो मैंने अपनी पत्नी अंजलि से कहा कि मैं नहीं चाहता कि उससे मिलने पर मेरे आंसू निकलें. मैं उससे मिला और मैंने उसे कसकर गले लगाया. हमने खाने का मजा लिया. युवराज जिस तरह से खा रहा था मुझे विश्वास हो गया कि वह पटरी पर लौट गया है.’
यह मार्मिक शाम थी जब तेंदुलकर, कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और युवा बल्लेबाज विराट कोहली ने युवराज की कैंसर के साथ जंग के बारे में अपने अनुभव बताये और अपनी भावनाओं को व्यक्त किया.
तेंदुलकर ने भावुक अंदाज में कहा, ‘जब मैंने देखा कि मेरी पत्नी युवराज के साथ चिकित्सकों की भाषा में बात कर रही है तो मुझे विश्वास हो गया कि वह उस संकट से बाहर निकल आया है. वह मेरे लिये छोटे भाई जैसा है और मैं भगवान से कहूंगा कि ऐसी बीमारी युवराज के साथ ही क्यों हुआ था.’
युवराज ने भी तेंदुलकर के साथ पहली मुलाकात को अपने मजाकिया अंदाज में बयां किया. उन्होंने कहा, ‘मेरी उनसे पहली बात तब हुई थी जब ड्रेसिंग रूम में मैं डरते हुए उनकी तरफ देख रहा था और तब अचानक ही उन्होंने कहा, ‘कृपया वे बिस्कुट इधर बढ़ा दो.’
इस पर तेंदुलकर ने कहा, ‘मुझे आज तक वे बिस्कुट नहीं मिले.’
युवराज ने भारत की 2011 विश्व कप में जीत को याद करते हुए कहा, ‘धोनी बल्लेबाजी करते हुए बहुत ज्यादा बात नहीं करता लेकिन जब वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में आउट हो गया तो उसने लौटते हुए कहा कि, शाबास युवी जिताके आना.’
धोनी ने हल्के फुल्के अंदाज में याद किया कि किस तरह से युवराज ने 2004-05 में भारतीय टीम में उनका स्वागत किया था.
उन्होंने कहा, ‘युवराज ने मुझसे कहा, अरे भाई क्या चल रहा है. सिर्फ छक्के मारने से कुछ नहीं होता. मैच जिताने से ज्यादा तारीफ मिलती है.’ धोनी ने कहा, ‘पहले मैं उसे आप कहकर बुलाता था. फिर मैं तुम पर आया और आज तू कहकर बात करता हूं.’
युवा कोहली ने कहा कि विश्व कप के दौरान वह कैसे युवराज के कमरे में गये और पाया कि वह काफी खांस रहे हैं और उनकी टेबल पर बहुत दवाईयां पड़ी हुई थी.
कोहली ने कहा, ‘मैंने उनसे पूछा पाजी आप इतना क्यों खांस रहे हो और उन्होंने जवाब दिया कि क्योंकि उन्हें कैंसर है. मुझे लगा कि यह उनकी लोगों से मजाक करने की आदत है. मैंने उनसे कहा कि मजाक मत करो और कमरे से चला गया.’
इस अवसर पर मौजूद हरभजन सिंह ने कहा, ‘युवी की बीमारी के दौरान मैंने कभी उससे इस बारे में बात नहीं की और मैं केवल उस लड़की के बारे में बात करता जिससे वह डेटिंग करेगा और उपचार के बाद जब वापसी करेगा तो मुझसे किस लड़की से मिलवाएगा.’
युवराज ने हल्के फुल्के अंदाज में कहा कि जब वह अमेरिका में था तो उसे धोनी का एसएमएस मिला जिससे उसे हैरानी हुई.
उन्होंने कहा, ‘मैंने एसएमएस करके जवाब दिया क्या यह असली धोनी है क्योंकि उससे संपर्क करना बहुत मुश्किल होता है.’