भारत के खिलाफ विश्व कप में ऐतिहासिक जीत के बाद पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटरों ने अपना आपा खो दिया था. इसी कड़ी में पूर्व कप्तान वकार यूनुस ने ऐसा बयान दे दिया, जिससे बवाल खड़ा हो गया था. अब वकार ने उस विवादास्पद बयान के लिए माफी मांग ली है.
दरअसल, एक पाकिस्तानी चैनल पर चर्चा के दौरान वकार युनूस ने कहा था, 'रिजवान ने जो ग्राउंड में खड़े होकर हिन्दुओं के बीच में नमाज पढ़ी, वह मेरे लिए काफी स्पेशल मोमेंट था.' वकार यूनुस का ये वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था. खुद उनके देश में भी इस बयान की आलोचना होने लगी.
वकार यूनुस ने अब ट्विटर पर लिखा, 'आवेश में आकर मैंने यह बात कह दी. मैंने कुछ ऐसा कहा, जो मेरे कहने का मतलब नहीं था, जिससे कई लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है. मैं इसके लिए माफी मांगता हूं, मेरा बिल्कुल भी ऐसा इरादा नहीं था. वास्तव में मुझसे गलती हो गई. जाति, रंग या धर्म की परवाह किए बिना खेल लोगों को एकजुट करता है.'
यूनुस की विवादास्पद टिप्पणी खेल कमेंटेटर हर्षा भोगले को अच्छी नहीं लगी थी. उन्होंने बयान को खतरनाक बताते हुए कहा था कि क्रिकेटिंग दुनिया को एकजुट होने की जरूरत है और यह धर्म से विभाजित नहीं हो सकता.
हर्षा भोगले ने ट्वीट किया था, 'वकार यूनुस के कद के व्यक्ति का यह कहना कि रिजवान को हिंदुओं के सामने नमाज अदा करते देखना उनके लिए बहुत खास था, यह सबसे निराशाजनक चीजों में से एक है जिसे मैंने सुना है. हममें से बहुत से लोग इस तरह की बातों को तव्वजो नहीं देते हैं और खेल के बारे में बात करने की बहुत कोशिश करते हैं और यह सुनना भयानक है.'
पीसीबी प्रमुख रमीज राजा ने हर्षा भोगले को रिप्लाई किया, 'जरा भी आश्चर्य नहीं हुआ. मैं अपने अनुभव से बता सकता हूं कि एक शख्स जो अपने देश की भाषाओं और शहरों के बारे में नस्लवादी है. वह आसानी से धार्मिक मतभेदों के बारे में इस तरह की नकारात्मक टिप्पणी कर सकता हैं.'