Indian tennis star Sumit Nagal: हाल ही में चेन्नई ओपन में सुमित नागल की जीत ने उन्हें करियर की सर्वश्रेष्ठ 98वीं वर्ल्ड रैंकिंग पर पहुंचा दिया. वह 2019 में प्रजनेश गुणेश्वरन के बाद यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले भारतीय हैं.
विश्व रैंकिंग में शीर्ष 100 में शामिल होने का सपना साकार होने के बावजूद नागल संतुष्ट नहीं हैं, क्योंकि यह भारतीय टेनिस खिलाड़ी ग्रैंड स्लैम और पेरिस ओलंपिक में सीधे प्रवेश के लिए अपनी रैंकिंग में सुधार या फिर इस रैंकिंग पर बने रहने की चुनौती के लिए तैयार है.
'टॉप-100 में शामिल होने का सपना देखा था'
नागल ने मंगलवार रात बेंगलुरू ओपन के पहले दौर में जीत के बाद पीटीआई से कहा, ‘हर टेनिस खिलाड़ी शीर्ष 100 में शामिल होने का सपना देखता है. मैंने काफी कम उम्र से शीर्ष 100 में शामिल होने का सपना देखा था और जब ऐसा हुआ तो बहुत अच्छा लगा. वर्षों तक काम करने के बाद यह निश्चित रूप से एक भावनात्मक दिन था.’
दूसरी वरीयता प्राप्त 26 साल के नागल ने पहले दौर में फ्रांस के गेफ ब्लैंकेनॉक्स पर 6-2, 6-2 से आसान जीत के साथ टूर्नामेंट के दूसरे दौर में प्रवेश किया.
What an emotional day! Stoked to have cracked the Top 100 Ranking. Feels surreal to achieve it in my home country 🇮🇳 Extremely proud of my team for working hard everyday and giving ourselves a chance to be where we are today
— Sumit Nagal (@nagalsumit) February 11, 2024
(1/n) pic.twitter.com/v3grCQ76SE
नागल की नजरें हालांकि बड़ी उपलब्धियों पर टिकी हैं. उन्होंने कहा, ‘हां, यह एक बड़ा लम्हा था (शीर्ष 100 में प्रवेश), लेकिन अब मैं एक नए टूर्नामेंट में खेल रहा हूं. आप जानते हैं कि टेनिस को सप्ताह दर सप्ताह लेने की जरूरत है. अब मैं बेंगलुरू में इस टूर्नामेंट पर ध्यान केंद्रित कर रहा हूं.’
... लेकिन असली लक्ष्य ओलंपिक में जाना
नागल ने कहा, ‘लेकिन असली लक्ष्य ओलंपिक में जाना और अपने देश का प्रतिनिधित्व करना है. यह मेरे लक्ष्यों में से एक है और यह वास्तव में मुझे प्रेरित करता है. मैं ओलंपिक में खेलना चाहता हूं और देश के लिए पदक जीतना चाहता हूं.’
इस साल 10 जून तक एटीपी (पुरुष) और डब्ल्यूटीए (महिला) रैंकिंग में शीर्ष 56 सिंगल्स खिलाड़ियों को जुलाई-अगस्त में होने वाले पेरिस ओलंपिक के लिए सीधे प्रवेश मिलेगा बशर्ते प्रति देश संख्या चार खिलाड़ियों से अधिक नहीं हो.
जिन देशों के पास चार से कम स्वत: क्वालिफायर हैं उन्हें टॉप 56 के बाहर से प्रविष्टियों की अनुमति दी जाएगी.
ओलंपिक में 64 खिलाड़ियों के मजबूत ड्रॉ के शेष 8 स्थान महाद्वीपीय चैम्पियन (4), पिछले ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता या ग्रैंड स्लैम चैम्पियन (2), मेजबान देश (1) और यूनिवर्सेलिटी (1) के लिए आरक्षित होंगे.
टॉप-100 में बने रहने से नागल को ये फायदा
शीर्ष 100 में बने रहने से हरियाणा में जन्मे नागल को ग्रैंड स्लैम के मुख्य ड्रॉ में प्रवेश के लिए क्वालिफायर में खेलने या वाइल्डकार्ड की जरूरत नहीं होगी.
उन्होंने कहा, ‘हां, यह एक बड़ी सकारात्मक बात है (शीर्ष 100 में होना) इसलिए हर खिलाड़ी शीर्ष 100 में शामिल होना चाहता है क्योंकि आप ग्रैंड स्लैम में खेलना चाहते हैं.’