टोक्यो पैरालंपिक (2020) में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर इतिहास रच दिया है. भारत के खाते में अब तक 2 स्वर्ण, 5 रजत और 3 कांस्य पदक आए हैं. पैरालंपिक खेलों के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है, जब भारत की पदक संख्या दोहरे अंकों में पहुंची है. इससे पहले भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2016 के रियो पैरालंपिक में रहा था, जहां उसने 2 स्वर्ण समेत 4 पदक जीते थे.
अब टोक्यो ओलंपिक में अब तक जीते गए 10 पदकों को मिलाकर यह संख्या 22 तक पहुंच गई है. इस दौरान भारतीय पैरा एथलीटों ने 6 स्वर्ण, 9 रजत और 7 कांस्य पदक अपने नाम किए हैं. (Photo-Getty Images)
सबसे खास बात यह है कि इनमें से 17 पदक भारतीय खिलाड़ियों ने एथलेटिक्स इवेंट्स में जीते हैं. पैरालंपिक से पहले हालिया ओलंपिक खेलों में भी भारतीय खिलाडियों ने शानदार प्रदर्शन किया था.
ओलंपिक के इतिहास में भारत ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 7 मेडल जीतकर 48 वां स्थान हासिल किया था. एक ओर जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने एथलेटिक्स में भारत के लिए पहला गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा था. वहीं, वेटलिफ्टर मीराबाई चानू और रेसलर रवि दहिया ने सिल्वर मेडल हासिल किया. पहलवान बजरंग पुनिया, पीवी सिंधु, लवलीना बोरगोहेन और पुरुष हॉकी टीम ने भी यादगार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीता था.
टोक्यो पैरालंपिक के पदक विजेता भारतीय खिलाड़ी
1. भाविना पटेल: टोक्यो पैरालंपिक में भारत को पहला पदक भाविनाबेन पटेल ने दिलाया था. टेबल टेनिस के क्लास 4 वर्ग में भाविना रजत पदक जीतने में सफल रही थीं. 34 साल की भाविना ने क्वार्टर फाइनल में सर्बिया की बोरिस्लावा रांकोविच को हराकर पदक पक्का कर लिया था. इसके बाद भाविना ने सेमीफाइनल में चीन की ही झांग मियाओ को मात देकर फाइनल में जगह बनाई थी. हालांकि भाविना को फाइनल में चीन की वर्ल्ड नंबर-1 झाउ यिंग ने हरा दिया, जिसके चलते उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा.
निषाद कुमार: निषाद कुमार ने पुरुषों के टी-47 हाई जंप के मुकाबले में भारत के लिए रजत पदक जीता था. निषाद कुमार ने पहली कोशिश में 2.02 और दूसरे प्रयास में 2.06 मीटर की जंप लगाई. अमेरिका के डलास वाइज भी इसी इवेंट में सिल्वर मेडल जीतने में कामयाब रहे, क्योंकि वाइज ने भी 2.06 मीटर की जंप लगाई थी. इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक अमेरिका के ही रोडरिक टाउनसेंड ने 2.15 मीटर की कूद के विश्व रिकॉर्ड के साथ हासिल किया. (Photo-Getty Images)
अवनि लखेरा: टोक्यो पैरालंपिक में भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक अवनि लखेरा ने हासिल किया. उन्होंने महिलाओं की आर-2 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 में यह सुनहरी सफलता हासिल की. इसके साथ ही अवनि पैरालंपिक खेलों में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गईं. 19 साल की इस शूटर ने फाइनल में 249.6 अंक बनाकर विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की. इस स्पर्धा का रजत पदक चीन की झांग कुइपिंग ने हासिल किया. वहीं, यूक्रेन की इरियाना शेतनिक को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा. (Photo-Getty Images)
योगेश कथुनिया: योगेश कथुनिया ने पुरुषों के डिस्कस थ्रो 56 में भारत के लिए सिल्वर मेडल जीता था. उन्होंने अपने छठे और आखिरी प्रयास में 44.38 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर पदक पर कब्जा कर लिया. ब्राजील के बतिस्ता डॉस सैंटोस क्लॉडनी (45.25) ने इस स्पर्धा का गोल्ड मेडल जीता था. वहीं क्यूबा के डियाज अल्दाना लियोनार्डो (43.36) तीसरे स्थान पर रहे.(Photo-Getty Images)
सुमित अंतिल: जैवलिन थ्रोअर सुमित अंतिल (एफ 64 वर्ग) ने भारत को इस पैरालंपिक खेलों का दूसरा स्वर्ण दिलाया था. सुमित ने रिकॉर्ड 68.55 मीटर जैवलिन फेंककर पीला तमगा अपने नाम किया. ऑस्ट्रेलिया के मिचाल बुरियन (66.29 मीटर) और श्रीलंका के डुलान कोडिथुवाक्कू (65.61 मीटर) ने क्रमश: रजत और कांस्य पदक जीते.
देवेंद्र झाझरिया: दो बार के पैरालंपिक गोल्ड मेडलिस्ट देवेंद्र झाझरिया ने टोक्यो में भी अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा. देवेंद्र ने सोमवार को जैवलिन थ्रो (F46 वर्ग) में 64.35 का बेस्ट थ्रो कर रजत पदक हासिल किया. इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक श्रीलंका के दिनेश प्रियान हेराथ के नाम रहा, जिन्होंने 67.79 मीटर का थ्रो किया. श्रीलंकाई एथलीट ने अपने इस प्रयास से देवेंद्र झाझरिया का पिछला वर्ल्ड रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया.
सुंदर सिंह गुर्जर: जैवलिन थ्रोअर सुंदर सिंह गुर्जर ने F-46 वर्ग में ही भारत के लिए कांस्य पदक जीता. सुंदर सिंह गुर्जर ने 64.01 मीटर जैवलिन फेंका, जो इस सत्र में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. सुंदर को जैवलिन के अलावा डिस्कस थ्रो और शॉटपुट में भी पारंगत है. 2017 में दुबई में आयोजित इंटरनेशनल एथलेटिक्स ग्रां प्री में सुंदर ने इन तीनों ही स्पोर्ट्स में गोल्ड मेडल जीता था.
सिंहराज: शूटर सिंहराज ने पुरुषों के 10 मीटर एयर पिस्टल SH1 स्पर्धा में भारत के लिए कांस्य पदक जीता था. हरियाणा के रहने वाले सिंहराज ने फाइनल में 216.8 का स्कोर कर यह उपलब्धि हासिल की. चीनी खिलाड़ियों यांग चाओ (237.9) और हुआंग जिंग (237.5) ने क्रमशः गोल्ड और सिल्वर जीता.
मरियप्पन थंगावेलु: हाई जंपर मरियप्पन थंगावेलु ने पुरुषों की ऊंची कूद टी-63 स्पर्धा में भारत के लिए रजत पदक जीता. था. मंगलवार को हुए मुकाबले में मरियप्पन ने 1.86 मीटर की जंप लगाकर यह कामयाबी हासिल की. अमेरिका के सैम ग्रेव (1.88 मीटर) की छलांग लगाते हुए इस इवेंट का गोल्ड मेडल हासिल किया. 26 साल के मरियप्पन का पैरालंपिक खेलों में यह लगातार दूसरा पदक है. इससे पहले मरियप्पन ने रियो पैरालंपिक (2016) में ऊंची कूद इवेंट में गोल्ड मेडल हासिल किया था.
शरद कुमार: पुरुषों की ऊंची कूद टी-63 स्पर्धा में ही शरद कुमार ने भी भारत के लिए कांस्य पदक हासिल किया. शरद ने 1.83 मीटर का बेस्ट प्रयास कर यह उपलब्धि हासिल की. एक अन्य भारतीय पैरा एथलीट वरुण सिंह भाटी इस स्पर्धा में सातवें स्थान पर रहे. गौरतलब है कि भाटी ने रियो पैरालंपिक में भारत के लिए कांस्य पदक जीता था.