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'जब पहली बार पिस्टल उठाई तो डर लगा था, पर...', महिला शूटर शशि पांडेय

दिल्ली में हुए 37वें स्टेट शूटिंग चैम्पियनशिप में गोपालगंज जिले की महिला शूटर शशि पांडेय ने 10 मीटर एयर पिस्टल में गोल्ड मेडल जीता है. शूटिंग को अपने जीवन का लक्ष्य बना चुकी शशि बताती हैं कि पहली बार जब पिस्टल उठाया तो थोड़ा डर लगा था, लेकिन जैसे-जैसे निशाना लगता गया, डर खत्म होता गया और आत्मविश्वास बढ़ता चला गया...

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Women Shooter Shashi Pandey
Women Shooter Shashi Pandey

दिल्ली में हुए 37वें स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप में गोपालगंज जिले के कटेया थानाक्षेत्र के ओझवलिया गाँव की रहने वाली शशि पांडेय ने 10 मीटर एयर पिस्टल में गोल्ड मेडल जीता है. नौ दिनों तक चले इस शूटिंग चैम्पियनशिप में दिल्ली के 1150 निशानेबाजों ने पिस्टल, रायफल और शॉटगन शूटिंग के अलग-अलग श्रेणियों में हिस्सा लिया था.

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इसमें शशि पाण्डेय, गायत्री कौर और माधवी की जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल के टीम इवेंट में एकदम सटीक निशाना साधकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया. गोपालगंज जिले के एक निम्न मध्यवर्गीय किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली शशि पाण्डेय ने दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन की पढाई पूरी की.

पूरी तरीके से शूटिंग के लिए समर्पित किया

दिल्ली में कॉलेज के दौरान ही शशि का रुझान शूटिंग की तरफ हो गया. उसके बाद से उन्होंने फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. उन्होंने अपने आप को पूरी तरीके से शूटिंग के लिए समर्पित कर दिया है. शशि पाण्डेय पिछले कुछ सालों में दर्जनों मेडल जीत चुकी हैं और अब तैयारी नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप की है.
 
शूटिंग को अपने जीवन का लक्ष्य बना चुकी शशि बताती हैं कि पहली बार जब पिस्टल उठाया तो थोड़ा डर लगा था, लेकिन जैसे-जैसे निशाना लगता गया, डर खत्म होता गया और आत्मविश्वास बढ़ता चला गया, इसलिए मैं मानती हूँ कि लड़कियों का खेल में आना बहुत ज़रूरी है.

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ओलिंपिक में खेलना और देश का नाम रोशन करना है

शूटिंग बहुत महंगा खेल है. इसमें पिस्टल से लेकर गोली और ट्रेनिंग काफी महँगी होती है. एक किसान परिवार की लड़की के लिए इनसब खर्चो वहन कर पाना संभव नहीं है. थोड़ी मुश्किलें आती हैं, लेकिन मेरा सपना है ओलिंपिक में भारत के लिए खेलना और देश के साथ-साथ बिहार का नाम रोशन करना.

 

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