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पैरालंपिक: जयपुर की गलियों का बैडमिंटन ब्वॉय, कृष्णा नागर ने ऐसे तय किया Gold तक का सफर

कृष्णा नागर जयपुर के रहने वाले हैं. उनके घर जश्न का माहौल है. उनके पिता सुनील ने बताया कि कृष्णा ने 2017 से बैडमिंटन खेलना शुरू किया. इससे पहले वे सारे खेल खेलते थे. बचपन से ही उनकी खेलों में रुचि रही है. वे सारे खेल गलियों और पार्क में ही खेलते थे.

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कृष्णा नागर ने पैरालंपिक में गोल्ड मेडल अपने नाम किया.
कृष्णा नागर ने पैरालंपिक में गोल्ड मेडल अपने नाम किया.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कृष्णा नागर ने बैडमिंटन के पुरुष सिंगल्स SH6 में जीता गोल्ड
  • नागर ने फाइनल में हॉन्गकॉन्ग के चू मान को दी मात

भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी कृष्णा नागर ने टोक्यो पैरालंपिक में इतिहास रच दिया. नागर ने धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए देश को गोल्ड मेडल दिलाया. कृष्णा नागर ने बैडमिंटन के पुरुष सिंगल्स एसएच6 फाइनल में हॉन्गकॉन्ग के चू मान काई को 21-17, 16-21, 21-17 से मात दी. खास बात ये है कि कृष्णा ने बैडमिंटन खेलने की शुरुआत गलियों और पार्क से की. 

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2017 से खेलना शुरू किया बैडमिंटन

कृष्णा नागर जयपुर के रहने वाले हैं. उनके घर जश्न का माहौल है. उनके पिता सुनील ने बताया कि कृष्णा ने 2017 से बैडमिंटन खेलना शुरू किया. इससे पहले वे सारे खेल खेलते थे. बचपन से ही उनकी खेलों में रुचि रही है. वे सारे खेल गलियों और पार्क में ही खेलते हैं. सवाई मानसिंह स्टेडियम के कोच राघवेंद्र सिंह कहते हैं कि बैडमिंटन खेलने में उसकी लगन उसे बाकी बच्चों से अलग बनाती थी. 

नागर के घर पर जश्न का माहौल.

कृष्णा नागर की उम्र सिर्फ 22 साल हैं. उन्होंने 2020 टोक्यो पैरालंपिक में गोल्ड मैडल अपने नाम किया. नागर 2019 वर्ल्ड चैंपियनशिप में पैरा-बैडमिंटन में सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीत चुके हैं. दुबई में दुबई पैरा-बैडमिंटन इंटरनेशनल में पुरुष एकल और युगल में गोल्ड जीतकर नागर ने टोक्यो पैरालंपिक के लिए क्वालीफाई किया था. 

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गौरव खन्ना हैं नागर के कोच

नागर राजस्थान से हैं. लेकिन वर्तमान में वे लखनऊ में पैरा-बैडमिंटन के नेशनल कोच गौरव खन्ना के मार्गदर्शन में ट्रेनिंग ले रहे हैं. नागर अपनी श्रेणी में नंबर दो खिलाड़ी हैं. वे 2018 एशियन गेम्स और 2019 वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज जीत चुके हैं. उनकी निगाहें इस बार गोल्ड पर ही थीं.  

मेरा सपना पूरा हुआ- कृष्णा

समाचार एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में कृष्णा नागर ने कहा कि उनका सबसे बड़ा सपना पूरा हो गया. नागर ने कहा, मेरी खेल की यात्रा तब शुरु हुई थी, जब मैंने पैरा बैडमिंटन में डेब्यू किया और आज पैरालंपिक में गोल्ड जीतकर मेरा सबसे बड़ा सपना पूरा हो गया. 

 

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