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ओलंपिक: गोल्ड जीतकर लौटे नीरज चोपड़ा बोले- भारत आया तो पता चला कि कुछ तो किया है जो इतना सम्मान मिल रहा

टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics 2020) से गोल्ड मेडल जीतकर लौटे नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने कहा कि कल जब मैं भारत आया तो पता चला कि देश के लिए कुछ तो ऐसा किया है जो इतना सम्मान मिल रहा है.

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नीरज चोपड़ा (फोटो-PTI)
नीरज चोपड़ा (फोटो-PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सोमवार को भारत लौटे हैं नीरज चोपड़ा
  • कॉन्फ्रेंस में बताई कई दिलचस्प बातें

टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics 2020) से गोल्ड मेडल जीतकर सोमवार को भारत लौटे नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने कई सारी बातें बताईं. उन्होंने बताया कि गोल्ड जीतने के बाद ऐसा लगा था कि सपना है, लेकिन जब कल मैं भारत आया तो पता चला कि कुछ तो ऐसा किया है जो इतना सम्मान मिल रहा है.

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नीरज ने कॉन्फ्रेंस में बताया, "दुनिया के हर एथलीट का सपना होता है कि ओलंपिक में मेडल जीते. वहां पर बहुत अच्छे-अच्छे एथलीट और थ्रोअर थे, तो जब मुझे गोल्ड मिला तो मुझे लगा कि कहीं ये सपना तो नहीं है. और जब भी मैं गोल्ड मेडल को देखता था तो सोचता था कि नहीं यार, ये सपना नहीं है. जब मैं भारत आया तो यहां माहौल बिल्कुल अलग था और कल पता चला कि कुछ तो ऐसा देश के लिए किया है कि आज इतना सम्मान मिल रहा है."

नीरज चोपड़ा ने बताया, "जब मुझे नेशनल कैम्प में लिया गया तो वो मेरी जिंदगी के लिए सबसे बड़ा चेंज था. क्योंकि इससे पहले तक हमें जो जैवलिन मिले थे, वो उतनी अच्छी क्वालिटी के नहीं थे. हम ट्रेनिंग तो अच्छे से करते थे, लेकिन फैसिलिटी हमें नेशनल कैम्प में आने के बाद ही मिली. सबसे बड़ी बात ये है कि वहां पर सीनियर एथलीट्स को देखकर मोटिवेशन मिलता था. एक अलग ही फीलिंग थी कि मैं देश के टॉप एथलीट्स के साथ ट्रेनिंग कर रहा हूं. उसके बाद ही ट्रेनिंग और खेल को लेकर जो मेरे अंदर जज्बा आया, वो बिल्कुल अलग था. फैसिलिटी मिल गई थी और अब बारी थी मेरे हार्ड वर्क की, जो मैंने किया और उसका रिजल्ट ऊपर वाले ने दे दिया."

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आगे का क्या प्लान है?

गोल्डन बॉय ने अपने आगे के प्लान के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा, "एक बार मेडल जीतने के बाद हमें संतुष्ट नहीं होना चाहिए. हमें कोशिश करनी चाहिए कि दोबारा भी इसको दोहराया जाए. अगले साल एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स हैं तो मैं कोशिश करूंगा कि दोबारा गोल्ड जीतूं."

उन्होंने ये भी बताया कि इस बार ओलंपिक में उनका टारगेट 90 मीटर का था, लेकिन वो नहीं हो सका. उन्होंने कहा, "इस बार 90 मीटर की तैयारी थी और पिछले कुछ सालों से मैं उसके आसपास भी हूं. बस मुझे थोड़ी सी अपनी टेक्नीक पर ध्यान देना है. मैं सोच रहा था इस बार 90 मीटर की. वो नहीं हो पाया, लेकिन गोल्ड मिला है उससे मैं काफी खुश हूं और 90 मीटर का जो सपना है, वो भी पूरा करूंगा."

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