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Tokyo Olympics: वो दौर जब मीराबाई को लगा... टूट जाएगा सपना

टोक्यो ओलंपिक खेलों के एक साल के लिए स्थगित होने और पिछले साल कोविड-19 के कारण लगाए गए लॉकडाउन के अभ्यास नहीं कर पाने से चनू के कंधे में दर्द होने लगा था, जिसको लेकर यह भारोत्तोलक काफी परेशान थीं.

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Mirabai Chanu
Mirabai Chanu
स्टोरी हाइलाइट्स
  • अभ्यास नहीं करने के कारण कंधे में होने लगा था दर्द: मीराबाई
  • 'लॉकडाउन के दौरान मैंने अभ्यास बंद कर दिया था'

कड़े अभ्यास, परिवार से दूर रहने और पांच साल तक भोजन को लेकर सख्त नियमों का पालन करने का ही परिणाम था कि मीराबाई चनू आखिर में ओलंपिक पदक विजेता बन गई, लेकिन बीच में एक दौर ऐसा भी था जब उन्हें अपना सपना टूटता हुआ लगा.

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टोक्यो ओलंपिक खेलों के एक साल के लिए स्थगित होने और पिछले साल कोविड-19 के कारण लगाए गए लॉकडाउन के अभ्यास नहीं कर पाने से चनू के कंधे में दर्द होने लगा था, जिसको लेकर यह भारोत्तोलक काफी परेशान थीं. टोक्यो खेलों में महिलाओं के 49 किग्रा में रजत पदक जीतने वाली चनू का स्वदेश लौटने पर भव्य स्वागत किया.

उन्होंने पीटीआई से कहा, ‘लॉकडाउन के बाद जब मैंने अभ्यास शुरू किया तो मुझे अपनी पीठ काफी सख्त लगी और मुझे दाएं कंधे को लेकर कुछ परेशानी थी. यह चोट नहीं थी, लेकिन जब मैं भारी वजन उठाती तो यह काफी सख्त लगता.’

उन्होंने कहा, ‘ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि मैंने लॉकडाउन के दौरान अभ्यास बंद कर दिया था.’ पिछले साल कोविड-19 महामारी रोकने के लिए जब देशव्यापी लॉकडाउन घोषित किया गया तब चनू पटियाला में राष्ट्रीय खेल संस्थान (एनआईएस) में थीं. वह अपने कमरे तक ही सीमित रही और उन्होंने महीनों बाद अभ्यास शुरू किया था.

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कंधे को लेकर हुई थी परेशानी

इस दौरान उनके कंधे को लेकर परेशानी होने लगी. इससे भारोत्तोलन की दो स्पर्धाओं में से एक स्नैच में उनके प्रदर्शन पर असर पड़ा. इस परेशानी के उपचार के लिये वह पिछले साल अमेरिका गई थीं.

पूर्व भारोत्तोलक और अनुकूलन कोच डॉ. आरोन होर्सचिग के साथ काम करने का उन्हें तुरंत ही फायदा मिला और वह अप्रैल में एशियाई चैम्पिनशिप में कांस्य पदक जीतने में सफल रहीं. क्लीन एवं जर्क में उन्होंने रिकॉर्ड 119 किग्रा भार उठाया था.

चनू ने कहा, ‘यही वजह थी कि हमने अमेरिका जाने की योजना बनाई. इससे मुझे काफी मदद मिली और मैं एशियाई चैम्पियनशिप में विश्व रिकॉर्ड बनाने में सफल रही.’

टोक्यो खेलों में उन्होंने महिलाओं के 49 किग्रा में 204 किग्रा (87 किग्रा और 115 किग्रा) भार उठाकर रजत पदक जीता. उन्होंने कहा, ‘अमेरिकी फिजियोथेरेपिस्ट ने मेरे साथ काम किया. मेरे मांसपेशियों में असंतुलन था. जब भी मैं भारी वजन उठाती तो दर्द होता था. उन्होंने कुछ कसरतें करवाईं. इससे मुझे काफी लाभ मिला.’

घर से पांच साल तक बाहर रहने के बाद चनू अब इंफाल में अपने घर पहुंच गई हैं, लेकिन वह लंबे अवकाश पर नहीं रहेंगी.

उन्होंने कहा, ‘मैं घर जा रही हूं. वहां कुछ समय बिताऊंगी. पिछले पांच वर्षों से मैं बमुश्किल 10 दिन ही घर पर रही. मैं 10 अगस्त को अभ्यास पर लौट आऊंगी क्योंकि अक्टूबर में राष्ट्रमंडल चैम्पियनशिप है जो राष्ट्रमंडल खेलों के लिए क्वालिफिकेशन प्रतियोगिता है.’

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