Aarogya Setu ऐप इन दिनों काफी पॉपुलर हो रहा है और अब तक इस ऐप को करोड़ों लोगों ने डाउनलोड किया है. Covid-19 ट्रैकिंग ऐप को सरकार लगातार लोगों से डाउनलोड करने को कह रही है.
रिपोर्ट के मुताबिक अब आने वाले समय में नए स्मार्टफोन के साथ Aarogya Setu ऐप पहले से ही इंस्टॉल किय गया होगा. हाल ही में सरकार ने केंद्र के सभी कर्मचारियों के लिए भी ये ऐप डाउनलोड करना जरूरी कर दिया गया है.
दूसरी रिपोर्ट में कहा जा रहा है की सरकार नए फोन का सेटअप करने से पहले Aarogya Setu ऐप में रजिस्टर करना अनिवार्य करने की तैयारी में है. यानी नया फोन सेटअप करने के लिए आपको Aarogya Setu ऐप साइन अप करना जरूरी हो जाएगा.
मिंट की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि सरकार ने स्मार्टफोन कंपनियों से कहा है कि नए फोन में पहले Aarogya Setu ऐप करके बेचें. हालांकि अभी मोबाइल का प्रोडक्शन पर अभी रोक लगी हुई है, इसलिए शुरू होते ही कंपनियां इसे लागू कर सकती हैं.
News18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले की जानकारी रखने वाले सरकार के सूत्रों ने बताया है कि भारत सरकार लॉकडाउन के बाद भारत में बिकने वाले सभी स्मार्टफोन्स के लिए Aarogya Setu ऐप अनिवार्य करने की तैयारी में है.
इतना ही नहीं इस रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐप होने के बावजूद आप अपना फोन तब तक सेटअप नहीं कर पाएंगे जब इस ऐप में रजिस्टर न किया हो. हालांकि सरकार ने अब तक इस मामले पर ऑफिशियल कुछ भी नहीं कहा है.
गौरतलब है कि Aarogya Setu ऐप को अब तक 7.5 करोड़ से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है. गूगल प्ले स्टोर की बात करें तो यहां इस ऐप के 5 करोड़ डाउनलोड हैं.
Aarogya Setu ऐप के बारे में बात करें तो ये ऐप भारत सरकार ने Covid-19 से बचने के लिए तैयार किया है ये यूजर का लोकेशन, ब्लूटूथ और जीपीएस के डेटा को एक्सेस करके आस पास के कोरोना वायरस पेशेंट के बारे में पता लगाता है. ये ऐप यूजर सहित डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ को अलर्ट करता है.
Aarogya Setu जैसे कोविड-19 ट्रैकिंग ऐप को लेकर दुनिया भर में इस समय डिबेट चल रहा है. प्राइवेसी एक्सपर्ट्स मानते हैं कि Aarogya Setu ऐप में यूजर की प्राइवेसी को लेकर ज्यादा क्लैरिटी नहीं है. डेटा किस किस डिपार्टमेंट के साथ शेयर होगा ये भी साफ नहीं किया गया है, ऐसी स्थिति में ये प्राइवेसी एंगल से नुकसानदेह भी हो सकता है.
हालांकि कई देश ऐसे भी हैं जिन्होंने यूजर्स की प्राइवेसी के हितों की रक्षा करते हुए कोविड-19 ट्रैकिंग ऐप्स लाए हैं. मसलन ऐप की पॉलिसी और टर्म्स में ट्रांसपेरेंसी रखी गई है.