डीमोनेटाइजेशन के बाद पेटीएम काफी चर्चा में है और इसकी सर्विस भी बढ़ रहो है. लेकिन अब पेटीएम एक बार फिर से इसलिए चर्चा में है क्योंकि एक अमेरिकी कंपनी ने कंपनी पर चोरी का इल्जाम लगाया है. चोरी यानी कॉपीराइट क्लेम. अमेरिकी ई-वॉलेट और पेमेंट गेटवे कंपनी पेपल ने भारतीय ई-वॉलेट कंपनी पेटीएम के खिलाफ भारतीय ट्रेडमार्क ऑफिस में ट्रेडमार्क उल्लंघन का केस फाइल किया है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक पेपल ने पेटीएम पर कंपनी के लोगो का कलर स्कीन और पैटर्न यूज करने का आरोप लगाया है. पेपल ने कहा है कि पेटीएम के लोगो में पेपल जैसे ही कलर स्कीम और पैटर्न यूज किया है . पेपल के मुताबिक पेटीएम के लोगो में इस्तेमाल किया गया टू टोन ब्लू कलर स्कीम पेपल के कलर स्कीम जैसा ही है. नोटिस में यह भी कहा गया है कि पेटीएम में लिखा गया Pay भी वैसे ही पैटर्न का है जैसे PayPal में इस्तेमाल किया गया है.
फाइल किए गए नोटिस में कहा गया है, 'Paytm ने Paypal के कलर स्कीम को ज्यों का त्यों इस्तेमाल किया है. लोगो का पहला हिस्सा डार्क ब्लू कलर का है जबकि दूसरे में लाइट ब्लू है वैसा ही जैसे Paypal में है. इसके अलावा PayPal के और पेटीएम दोनों के ही आगे Pay लिखा है जिसके लंबाई भी एक जैसी ही है.
नोटिस में यह भी कहा गया है कि PayPal अपने ट्रेडमार्क को 1999 से इस्तेमाल कर रहा है, जबकि पेटीएम ने 2007 से शुरु हुई है. पेपल ने पेटीएम के लोगो को रद्द करने की भी मांग की है.
अगर पेपल द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो पेटीएम को उसके लोगो इस्तेमाल करने पर रोक लगाई जा सकती है. इसके अलावा ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन कानून के मुताबिक पेटीएम को इसके लिए हर्जाना भी देना पड़ सकता है.
आपको बता दें कि पेटीएम को भारतीय रिजर्व बैंक से देश भर में पेमेंट बैंक के लिए भी लाइसेंस मिल चुके हैं और डीमोनेटाइजेशन के बाद इसके कस्टमर्स में लागातार इजाफा हो रहा है. जल्द ही इसके 100 मिलियन एक्टिव वॉलेट यूजर्स होने वाले हैं.
हालांकि पेपल ने फिलहाल भारत में अपनी पूरी सर्विस लॉन्च नहीं की है और यहां सिर्फ इसका गेटवे ही इस्तेमाल किया जा सकता है. गौरतलब है कि इससे पहले भी भारतीय कंपनी ITC और McDowell पर कैडबेरी और ग्लेनफिडिक के लोगो कॉपी करने के आरोप लगे हैं.