दुनिया का सबसे ज्यादा यूज किया जाने वाला इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप WhatsAapp है. इसे ब्रायन ऐक्टन और जेन ने मिल कर बनाया था. हमने को- फाउंडर ब्रायन ऐक्टन से बातचीत की है. फिलहाल ऐक्टन सिग्नल फाउंडेशन के चेयरमैन और सीईओ हैं.
आज तक टेक से उन्होंने कहा है कि अब WhatsApp वैसा नहीं है जैसा उन्होंने बनाया था.
ब्रायन ऐक्टन और जेन ने WhatsApp को फेसबुक के हाथों 2014 में बेच दिया. फेसबुक ने इसका अधिग्रहण 14 फरवरी 2014 में किया और इसके लिए कंपनी ने 19 बिलियन डॉलर खर्च किए. ये दोनों फाउंडर्स भी फेसबुक का हिस्सा बन गए और वॉट्सऐप हेड करते रहे. हालांकि 2017 में ब्रायन ने WhatsApp छोड़ दिया.
फिलहाल ब्रायन सिग्नल फाउंडेशन के चेयरमैन और सीईओ हैं जिसकी शुरुआत उन्होंने 2018 में की थी. इससे पहले ब्रायन याहू और ऐपल में भी काम कर चुके हैं. सिग्नल फाउंडेशन डेटा सिक्योरिटी पर काम करता है.
ब्रायन ऐक्टन ने आज तक टेक से बातचीत में कहा है, ‘मुझे लगता है WhatsApp ने अपनी पहचान खो दी है, क्योंकि अब WhatsApp के दोनों फाउंडर्स कंपनी छोड़ चुके हैं.’
फेसबुक के हाथों वॉट्सऐप बेचने के सवाल पर ब्रायन कई बार पब्लिक में बोल चुके हैं और उन्होंने ये भी कहा है कि तब थोड़ी एक्सपीरिएंस की कमी थी. ब्रायन फेसबुक की पॉलिसी के खिलाफ हैं और हाल ही में लगातार लोगों से फेसबुक डिलीट करने को कहते हैं. उन्हें वॉट्सऐप का नया मॉडल पसंद नहीं और उनका मानना है कि विज्ञापन और डेटा शेयर करके फेसबुक ने वॉट्सऐप को खोखला कर दिया है.
हाल ही में मार्क जकरबर्ग ने ऐलान किया है कि वॉट्सऐप, मैसेंजर और इंस्टाग्राम को मर्ज करके क्रॉस प्लेटफॉर्म मैसेजिंग का फीचर दिया जाएगा. हमने ब्रायन से इस बारे में भी पूछा तो उनका कहना है कि इसका सफल होना काफी मुश्किल है.
ब्रायन ऐक्टन आज तक टेक से कहा है, ‘अब फेसबुक प्रोडक्ट एक्सपीरिएंस को मर्ज (मिलाने) की कोशिश कर रही है. यह काफी मुश्किल काम है और इसका सफल होना भी आसान नहीं है’
ब्रायन पहले से ही वॉट्सऐप को पेड बनाना चाहते थे, ताकि यूजर्स के डेटा के साथ समझौता न करना पड़े. लेकिन फेसबुक की वजह से ऐसा नहीं हो पाया. फेसबुक और वॉट्सऐप के दोनों फाउंडर्स के बीच अनबन होती रही, क्योंकि फेसबुक ने अधिग्रहण के समय कहा था कि वॉट्सऐप को सेपरेट रखा जाएगा. लेकिन बाद में वॉट्सऐप के फाउंडर्स को लगा कि फेसबुक वॉट्सऐप के काम काज में इंटरफेयर कर रहा है.
गौरतलब है कि ब्रायन ऐक्टन और जेन कुम Yahoo में काम करते थे. उन्होंने 2007 में याहू छोड़ दिया और कुछ समय के लिए काम से ब्रेक लिया. कुछ समय बाद इन दोनों ने फेसबुक में जॉब के लिए आवेदन किया, लेकिन उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया. 2009 में इन दोनों ने मिल कर वॉट्सऐप बनाया और 2014 में फेसबुक ने ही वॉट्सऐप को 19 बिलियन डॉलर (लगभग 13 खरब रुपये) में खरीद लिया.