Google ने आखिरकार अपना AI बेस्ड चैटबॉट BARD लॉन्च कर दिया है. जल्द ही कंपनी इसका सपोर्ट अपने दूसरे ऐप्स और टूल्स में भी ऐड करेगी. BARD का बहुत से लोगों को इंतजार था. इसकी वजह ChatGPT और उस पर बेस्ड नया Bing हैं. दरअसल, लोग देखना चाहते थे कि Microsoft और Open AI के प्रोडक्ट की टक्कर में Google क्या लॉन्च करता है.
हमने इन सभी प्लेटफॉर्म्स को यूज करके देखा है. भले ही ये तीनों AI बेस्ड चैटबॉट हैं, लेकिन इनका एक्सपीरियंस एक दूसरे से काफी अलग है. इस आर्टिकल में हम इन AI चैटबॉट्स के यूजर एक्सपीरियंस पर ही चर्चा करेंगे.
गूगल ने जब इस चैटबॉट को लॉन्च किया, तो लोगों को इसके लिए इंतजार नहीं करना पड़ा. लॉन्च के कुछ ही वक्त बाद BARD का एक्सेस ज्यादातर यूजर्स के लिए लाइव कर दिया गया. कंपनी ने इसे 180 देशों में और तीन भाषाओं के सपोर्ट के साथ लॉन्च किया है. हमें भी इसका एक्सेस लॉन्चिंग के कुछ ही घंटों में मिल गया.
लुक के हिसाब से ये ChatGPT की याद दिलाता है, लेकिन ये ज्यादा रिफाइंड वर्जन लगता है. खौर यूजर इंटरफेस तो चॉइस का मामला है. फिर भी Google BARD का लुक क्लीन और क्लासिक लगता है. इस पर आपको लाइट और डार्क थीम का ऑप्शन भी मिलता है. अब बात करते हैं इसका यूजिंग एक्सपीरियंस कैसा रहा.
शुरुआत में लगा था कि Google इसमें कुछ नया करेगा और एक बेहतर चैटबॉट एक्सपीरियंस प्रदान करेगा, लेकिन ऐसा है नहीं. ये चैटबॉट बहुत सी गलतियां करता है और गूगल ने भी इसे लेकर यूजर्स को सावधान किया है. इस पर आपको ज्यादा भाषाओं का सपोर्ट नहीं मिलता है. इसकी मदद से लिखे गए आर्टिकल या फिर नोट्स को आपको दोबारा पढ़ना होगा.
क्योंकि इसमें कई तरह की गलतियां हो सकती हैं. हिंदी में सवाल करने पर ये कोई जवाब नहीं देगा. इसके अलावा इस पर आपको ईमेज का सपोर्ट नहीं मिलता है. इस पर वॉयस सर्च का ऑप्शन जरूर मिलता है. कुल मिलाकर गूगल को इस प्लेटफॉर्म को बेहतर करने की जरूरत है.
ChatGPT पर आपको साल 2021 तक का ही डेटा मिलता है, लेकिन ये उस वक्त की ज्यादातर जानकारी सही और बेहतर ढंग से देता है. हालांकि, कई मामलों में इस चैटबॉट से भी जवाब नहीं मिलता है. BARD और ChatGPT यूज करते हुए सबसे बड़ा अंतर लगा किसी घटना के एक्सप्लेनेशन का.
यहां BARD की भाषा काफी हद तक कंप्यूटर वाली लगती है. वहीं ChatGPT का रिस्पॉन्स ह्यूमन टच के साथ आता है. इस्तेमाल के दौरान में ChatGPT का एक्सपीरियंस अभी तक BARD से बेहतर लगा है. बात चाहें इसके टाइपिंग स्टाइल वाले UI की हो या फिर इसके रिस्पॉन्स टाइम की. ये कई मामलों में BARD से बेहतर लगता है.
हालांकि, इस सर्विस का बेहतर वर्जन यानी GPT-4 पेड सब्सक्रिप्शन के साथ आता है. इसके लिए आपको पैसे देने होंगे. इस स्थिति में BARD को फ्री होने का प्लस पॉइंट मिल जाता है.
ChatGPT पर आपको हिंदी में पूछे सवाल का भी जवाब मिलता है, जो BARD में अभी नहीं मिल रहा है. वहीं नॉन-पेड वर्जन पर आपको पुरानी जानकारी तो मिलेगी, लेकिन लेटेस्ट डिटेल्स के नाम पर आपके पास कुछ भी नहीं होगा.
New Bing के लिए हमें सबसे ज्यादा इंतजार करना पड़ा. ये इंतजार इसके लॉन्च होने का नहीं था. बल्कि लॉन्च होने के बाद इसका एक्सेस मिलने का था. शुरुआत में New Bing ने कई अटपटे जवाब दिए, लेकिन धीरे-धीरे माइक्रोसॉफ्ट ने इसे बेहतर ढंग से ऑप्टमाइज कर लिया. इसका रिस्पॉन्स किसी दूसरे AI बॉट से बेहतर है.
इस पर भाषा की कोई दिक्कत नहीं मिलती है, लेकिन ये जवाब बेहद सीमित शब्दों में देता है. इससे आप कोई आर्टिकल नहीं लिखवा सकते है, लेकिन ये आपको उस आर्टिकल के लिए जरूरी फैक्ट्स जरूर प्रदान करेगा. ये यूजर्स के सवालों के जवाब के साथ लिंक्स भी प्रोवाइड करता है, जहां से जानकारी ली गई है.
इस पर आपको शॉर्ट जवाब मिलते हैं. साथ ही आप इस पर लिमिटेड सवाल कर भी सकते हैं. माइक्रोसॉफ्ट आपको 20 सवाल तक ही पूछने की लिमिट दे रहा है. Bing पर आपको ईमेज जनरेट करने का भी ऑप्शन मिलता है. हालांकि, ये फीचर चैट बार में नहीं मिलता है. बल्कि यूजर्स को अलग विंडो पर जाना होता.