जल्दी ही आपको बहुत सस्ते दामों में आईफोन खरीदने का मौका भी मिल सकता है. असल में एप्पल के लिए ठेके पर आईफोन बनाने वाली कंपनी फॉक्सकॉन टेक्नोलॉजिज भारत में इसका कारखाना लगाना चाहती है. अगर यहां कारखाना लगता है तो बिना किसी शंका के भारत में आईफोन की कीमत बहुत कम हो जाएगी और इस मैदान की बड़ी खिलाड़ी सैमसंग को टक्कर देने में एप्पल को भी मदद मिलेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया' अभियान के लिए यह बहुत बड़ी उपलब्धि होगी, क्योंकि इससे रोजगार के नये अवसर पैदा होंगे.
महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री सुभाष देसाई ने इसकी पुष्टि करते हुए रॉयटर्स को बताया, 'फॉक्सकॉन अपने अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल भेज रही है. करीब महीने भर में यह प्रतिनिधिमंडल यहां आएगा और कारखाने के लिए सही जगह तलाशेगा.' उन्होंने कहा कि फॉक्सकॉन ने कारखाना लगाने के बारे में अभी कोई ठोस वायदा नहीं किया है, लेकिन वह भारतीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए आईफोन, आईपैड तथा आईपॉड भारत में ही बनाने की गुंजाइश तलाश रही है. गौरतलब हो कि कपंनी को चीन में लगातार बढ़ रही उत्पादन की लागत से जूझना पड रहा है. एक तरफ चीन की अर्थव्यवस्था मंद पड रही है वंही भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है.
पूरी दुनिया की नज़र भारत के उभरते नए-मिडिल क्लॉस पर है. इसलिए कंपनी की रणनीति कारखाने ऐसी जगहों पर लगाने की है, जहां से उन बाजारों तक पहुंच आसान हो सके जिन पर मिडिल क्लास ग्राहकों का जोर है. फॉक्सकॉन पिछले दिनों यह कह चुकी है कि वह 2020 तक भारत में 10-20 प्रतिष्ठान खोलना चाहती है. इनमें कारखाने भी होंगे और डेटा केंद्र भी. लेकिन उसने इनके बारे में कोई भी ब्योरा नहीं दिया है.
ऐपल को भी इसका पूरा फायदा मिलेगा. अभी भारतीय स्मार्टफोन बाजार में उसकी बमुश्किल 10 फीसदी हिस्सेदारी है वंही प्रतिद्वंदी सैमसंग 22 फीसदी के साथ बाजार में टॉप पर है. यहां 16 जीबी मेमोरी वाला उसका आईफोन-6, 44,000 रुपये में बिकता है, जबकि सैमसंग का गैलेक्सी एस-6, 40,000 रुपये में बिक रहा है. ऐसे में कोई दो राय नहीं कि भारतीय कारखाना ऐप्पल के फ़ोन की लागत कम कर देगा और सस्ते आईफोन के जरिये वह बाजार में गहरी पैठ बना पाएगी.