देश के छह बैंकों ने लगभग 32 लाख डेबिट कार्ड को ब्लॉक करने का फैसला किया है. बताया जा रहा है कि मैलवेयर की वजह से ये मामला सामना आया है, जो भारतीय इतिहास में अबतक का सबसे बड़ा एटीएम फ्रॉड है.
इस मामले पर साइबर लॉ एक्सपर्ट पवन दुग्गल का कहना है कि 32 लाख लोगों के कार्ड का डाटा चोरी होने से वो बिलकुल भी चकित नहीं है क्योंकि डाटा तो सुरक्षित है ही नहीं. बैंको की साइबर सुरक्षा पुख्ता नहीं है , और भारत के इतिहास मे ये अब तक का सबसे बड़ा साइबर अटैक है. इसे भारत को वेक अप कॉल के तौर पर ले. भारत प्रगति की तरफ अग्रसर हो रहा है. अब ये आगे भी होता रहेगा लिहाज़ा इससे निपटने के लिए तैयारी पूरी होनी चाहिए.
पवन दुग्गल कहते है कि साइबर सुरक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ सरकार की नहीं है आम लोगों की भी है. कार्ड का डिटेल्स किसी के साथ शेयर न करें. अधिकतर लोग कुछ होने पर भी इसकी रिपोर्ट नहीं करते . ये नहीं होना चाहिए. हर साइबर क्राइम की रिपोर्ट होनी चाहिए. इसके अलावा जो भी बैंक आपका है उससे सवाल कीजिये की वो आपका डाटा कैसे सुरक्षित रख रहा है.
वीडियो के जरिए समझें कैसे एटीएम हैक किए जाते हैं और आप इससे कैसे बचें.
साइबर क्रिमिनल सिस्टम का वीक पॉइंट्स ढूढते है. ऐसे लोगों को पकड़कर सज़ा देना भी नामुमकिन है क्योंकि अन्तरास्ट्रीय स्तर पर कानून ही भारत नहीं बना पाया है. ये भी एक बड़ी वजह है कि इस तरह का भारत की इकोनोमी पर ये हमला हुए है लिहाज़ा भारत को अपने सिस्टम को मजबूत बनाना होगा.
ये अटैक सिर्फ बैंकों पर नहीं है, ये एक तरह का साइबर टेररिज्म है, साइबर क्रिमिनल्स ने ये सन्देश देने की कोशिश है की आपका साइबर सिस्टम सुरक्षित नहीं है और जब भी चाहे हम इसे हैक कर सकते है.
आम लोगों को अगर कोई भी शक शुबा लगे तो सबसे पहले तो अपना कार्ड ब्लाक करा दे. और फिर बैंक से तुरंत संपर्क करे. साथ ही इसकी शिकायत भी करे. किसी के साथ कार्ड से जुडी जानकारी शेयर न करे.
बोनस टिप्स
- जिस एटीएम में अंधेरा हो उसे यूज न करें
- कैश निकाल कर वहीं न गिने रीसिप्ट के साथ जेब में रखकर वहां से जल्दी निकलें.
- रीसिप्ट को वहां न छोड़ें उसे साथ ले जाएं.
- सुनसान इलाके वाले एटीएम न यूज करें.
- एटीएम में किसी तरह का डैमेज दिखे तो यूज न करें.
- पिन लिखते वक्त कीबोर्ड को ढक लें.
- अपना पिन किसी को न बताएं.