सोशल मीडिया दिग्गज फेसबुक ने कहा है कि वो 2020 तक भारत के 5 लाख लोगों को डिजिटल स्किल सिखाएगा. कंपनी के मुताबिक एक नए प्रोग्राम की शुरुआत की गई है जिसे खास कर स्टार्टअप के और व्यक्तिगत तौर पर डिजाइन किया गया है. फेसबुक दो प्रोग्राम – फेसबुक डिजिटल ट्रेनिंग और फेसबुक स्टार्टअप ट्रेनिंग हब की शुरुआत की है. खास बात ये है कि इसे फेसबुक सबसे पहले भारत में ही शुरू कर रहा है.
ये दो प्रोग्राम हैं
फेसबुक डिजिटल ट्रेनिंग हब: यह एक ऑनलाइन ट्रेनिंग हब है जिसके तहत बिना किसी शुल्क के सोशल और कॉन्टेंट मार्केटिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी. यह किसी के लिए भी है जैसे स्टूडेंट से लेकर बिजनेसमैन तक अगर चाहें तो डिजिटल स्किल सीख सकते हैं. इस कोर्स में यह बताया जाएगा कि कैसे कॉन्टेंट तैयार करें, कैसे अपनी पहुंच बढ़ाएं और कैसे ऑनलाइन ऐक्टिविटी पर नजर रखी जाए.
फेसबुक स्टार्टअप ट्रेनिंग हब: इस ऑनलाइन ट्रैनिंग हब के जरिए डेवेलपर्स और टेक स्टार्टअप्स को फायदा मिलेगा . उन्हें बेहतर प्रोडक्ट और बिजनेस डेवेलपमेंट के तरीके बताए जाएंगे. इस कोर्स में यह बताया जाएगा कि कैसे बिजनेस प्लान तैयार करें, कैसे प्रोडक्ट तैयार करें और कैसे अपने बिजनेस को विस्तार दें. इसके अलावा भी इसमें कई स्किल्स सिखाए जाएंगे.
फेसबुक के मुताबिक 2011 से अभी तक कंपनी ने दुनिया भर में छोटे बिजनेस के डेवेलपमेंट के लिए 1 बिलियन डॉलर से भी ज्यादा निवेश किया है. कंपनी ने कहा है कि बूस्ट योर बिजनेस और शीमीन्सबिजनेस के तहत 60 हजार से ज्यादा छोटे बिजनेस ट्रेन किए गए हैं जिनमें 12 हजार महिला उद्यमी शामिल हैं.
फेसबुक प्रोग्राम इंडिया और साउथ एशिया हेड रितेश महेता ने कहा है, ‘डिजिटल स्किल लोगों को बड़ा सोचने, नई संभावनाएं तलाश करने, नए प्रोडक्ट बनाने और बेहतर कम्यूनिकेशन में मदद करता है. हमें यकीन है कि भारत को डिजिटल इकोनॉमी के लिए तैयार करने का बेहतर तरीका यहां के लोगों को टूल, ज्ञान और स्किल देने की जरूरत है. हम चाहते हैं कि ज्यादा लोगों को अपनी स्किल बनाने में मदद मिले, क्योंकि लोगों में निवेश करना अच्छा चीज है’
इन दो प्रोग्राम के अलावा फेसबुक ऑफलाइन ट्रेनिंग प्रोग्राम और ब्लूप्रिंट चलाता है. इसके तहत ऑनलाइन विज्ञापनों की ट्रेनिंग दी जाती है.
फेसबुक के मुकाबिक कंपनी ने लोकल संस्थानों जैसे डिजिटल विद्या, EDII, धर्मालाइफ और स्टार्टअप इंडिया के साथ काम कर रही है जिसके तहत ऐसे कोर्स तैयार किए जा रहे हैं जो व्यक्तिगत जरूरत के हिसाब से कस्टमाइज किए गए हैं. खास बात ये है कि यह हिंदी और इग्लिश दोनों ही लैंग्वेज में उपलब्ध है.