केरल के कोल्लम में रहने वाले कंप्यूटर साइंस स्टूडेंट अरुण सुरेशकुमार ने फेसबुक पेज की एक बड़ी खामियों को उजागर किया है. उन्होंने आजतक की वेबसाइट को बताया कि है यह खामी इतनी गंभीर है कि इसके जरिए प्रेसिडेंट ओबामा से लेकर बिल गेट्स तक के फेसबुक पेज हैक किए जा सकते थे और उन्हें इसकी खबर तक नहीं होती. इसके अलावा उन्होंने फेसबुक की कई खामियों को उजागर किया है जिसके फेसबुक ने उन्हें अभी तक 30 लाख रुपये से ज्यादा का इनाम दिया है. हाल ही में फेसबुक ने उन्हें 16 हजार डॉलर इनाम दिया है.
इससे पहले उन्होंने फेसबुक लॉगइन में बग ढूढा था जिसके लिए उन्हें 10 हजार डॉलर दिए गए थे. उनके मुताबकि 2013 से अभी तक उन्हें फेसबुक ने 46,000 डॉलर (लगभग 30 लाख रुपये) दिए हैं. गौरतलब है कि इससे पहले भारत के दो युवक आनंद प्रकाश और योगेश तंटक ने भी ऐसा फेसबुक की गंभीर खामियों को उजागर कर के फेसबुक से इनाम पाया है.
अरूण सुरेशकुमार के मुताबकि उन्होंने फेसबुक पेज की एक ऐसी खामी को उजागर किया है जिसके जरिए हैकर्स किसी फेसबुक पेज को आसानी से हैक करके उसके गलग इस्तेमाल कर सकते थे. इनमें पीएम मोदी, बिल गेट्स और अमेरिकी प्रेसिडेंट ओबामा के भी आधिकारिक फेसबुक अकाउंट शामिल हो सकते थे.
आपको बता दें कि फेसबुक बिजनेस पेज का एक फीचर है जिसके जरिए पेज का मालिक दूसरे लोगों को पेज चलाने के लिए इसमें उन्हें ऐड कर सकता है. सुरेशकुमार ने इसी फीचर में खामी पाई और पहले अपने अकाउंट से बिजनेस पेज बनाया और किसी साधारण टूल के जरिए वो हैक करने में कामयाब रहे.
इस तरह की खामियों को 'जीरो डे खामी' भी कहा जाता है जिसमें किसी अनजान खामी की वजह से किसी सॉफ्टेयर और हार्डवेयर के जरिए किसी के अकाउंट को हासिल किया जा सकता है. इस तरह की हैकिंग में असली अकाउंटो होल्डर की इसकी जानकारी तक नहीं होती कि उनका अकाउंट हैक हुआ है.
अरुण सुरेशकुमार ने भी फेसबुक पेज में जीरो डे खामी को उजागर किया है. उन्होंने हमें बताया है, 'किसी भी ऑर्गनाइजेशन या नामचीन हस्तियों के आधिकारिक फेसबुक अकाउंट को हाईजैक करना काफी आसान था. फेसबुक बिजनेस मैनेजर के जरिए एक फेसबुक पेज के कई एडमिन बनाए जा सकते हैं. इसी फीचर में मैने खामी निकाली और फेसबुक ने इसे जल्दी पैच करते हुए मुझे 16 हजार डॉलर का इनाम दिया है'
इससे पहले भी उजागर की हैं कई खामियां
उन्होंने हमें बताया है कि 2013 से अभी तक उन्होंने 4 खामियों को उजागर किया है.
खास बात यह रही कि इसके लिए न तो उन्हें कोई सर्टिफाइड हैकिंग कोर्स जरूरत पड़ी और नही किसी ट्रेनिंग की. उन्होंने कहा है कि आगे भी वो पार्ट टाइम के तौर पर फेसबुक और गूगल जैसे प्लेटफॉर्म की खामियां उजागर करते रहेंगे और अपनी पढ़ाई भी जारी रखेंगे.
गूगल में काम करने और विदेश में पढ़ाई करने का है सपना
सुरेशकुमार ने आजतक डॉट इन से बातचीत में बताया है कि वो विदेश में पढ़ाई करना चाहते हैं और उनका सपना गूगल जैसी दुनिया की बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों में काम करने का है.