सोशल मीडिया वेबसाइट फेसबुक यूजर डेटा दूसरी कंपनियों के साथ शेयर करने को लेकर लगातार सुर्खियों में है. अब यह बात सामने आ रही है कि फेसबुक ने जिन कंपनियों के साथ यूजर डेटा शेयर किया है उनमें एयरटेल और म्यूजिक ऐप सावन भी शामिल हैं.
फेसबुक ने अमेरिकी कांग्रेस की मांग पर उनके सामने दस्तावेज पेश किए हैं जिससे यह खुलासा हुआ है.
फेसबुक ने कहा है, ‘इंटीग्रेशन पार्टनर्स फेसबुक से मिले डेटा को इंडिपेंडेंट तरीके से यूज करने की परमिशन नहीं थी. इसमें यूजर्स की मर्जी भी शामिल होनी चाहिए, बिन यूजर्स की मर्जी के उनका डेटा नहीं यूज किया जा सकता’
क्या होता है यूजर डेटा
यूजर डेटा के कई मायने हैं. कई बार इसका मतलब ये होता है कि इसमें आपसे जुड़ी जानकारियां- जैसे आपका नाम, पता, ईमेल आईडी और आपके दोस्तों से जुड़ी जानकारियां होती हैं. यूजर डेटा में फेसबुक यूजर्स के बिहेवियर, लोकेशन और सर्च मेटाडेटा भी शामिल होते हैं. सरल शब्दों में कहें तो आप ये समझ लें कि जितनी जानकारियां आपने फेसबुक पर दर्ज की हैं ये उससे कहीं ज्यादा होती हैं. क्योंकि फेसबुक सिर्फ आपके द्वारा दर्ज की जानकारियां ही नहीं रखता, बल्कि वो खुद से आपके डिवाइस से डेटा कलेक्ट करता है. वो बात अलग है कि इसके लिए आपसे यूजर अग्रीमेंट पर टिक कराया जाता है जिसे आम तौर पर लोग बिना पढ़े ही चेक कर देते हैं.
ET की एक रिपोर्ट के मुताबिक एयरटेल के प्रवक्ता ने कहा है कि यह 2010 का मामला है जब एयरटेल को फेसबुक को द्वारा ऐप डेवेलपर के तौर पर ऐक्सेस दिया गया था. यह प्रोजेक्ट 2013 में खत्म हुआ और डेटा ऐक्सेस भी बंद किया गया. एयरटेल ने यह भी साफ किया है कि कंपनी ने डेटा सिर्फ आंतरिक जरूरतों के लिए इस्तेमाल किया है और वो प्राइवेसी को लेकर जीरो टोलेरेंस रखते हैं.
अमेरिकी हाउस एनर्जी एंड कॉमर्स को फेसबुक ने सौंपा 700 पन्नों का जवाब
फेसबुक ने हाउस एनर्जी एंड कॉमर्स कमीटी को दिए गए 700 पन्नों के जवाब में यह माना है कि 52 कंपनियों के साथ यूजर डेटा शेयर किए गए हैं. इस दस्तावेज के मुताबिक इनमें से कुछ कंपनियों के साथ फेसबुक ने पहले डेटा शेयर करना बंद कर दिया था, लेकिन इनमें से कई को अभी भी फेसबुक डेटा देता है.
इस दस्तावेज में कई कंपनियों के नाम हैं जिनके साथ फेसबुक डेटा शेयर को लेकर करार है. इनमें ऐपल, माइक्रोसॉफ्ट, ऐमेज़ॉन, सैमसंग, अलीबाबा और हुआवे जैसी दुनिया की बड़ी टेक्नॉलॉजी कंपनियां शामिल हैं.
वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट में फेसबुक द्वारा दिए गए इस दस्तावेज का जिक्र है. इसमें कहा गया है, ‘हम कंपनियों को कई तरह के डिवाइस और ऑपरेटिंग सिस्टम डेवलप करने में उनका साथ देते हैं जहां हम और हमारा पार्टनर्स यूजर्स को फेसबुक या फेसबुक का अनुभव हासिल करने का तरीका देना चाहते थे’
फेसबुक ने यह भी कहा है कि यह इंटीग्रेशन हमारे पार्टनर्स द्वारा हमारे यूजर्स के लिए बनाया गया है, लेकिन इसे अप्रूव फेसबुक करता है. कंपनी के मुताबिक 52 पार्टनर्स में से 38 के साथ अपना करार खत्म कर लिया है और जल्द ही 7 कंपनियों के साथ करार खत्म किया जाएगा.