केंद्र सरकार देश में सभी ई-कॉमर्स से संबंधित मुद्दों को हल करने के लिए एक नियामक और कानून तैयार कर रही है. रॉयटर्स द्वारा देखे गए ड्राफ्ट पॉलिसी डॉक्यूमेंट के मुताबिक यह कदम महत्वपूर्ण है क्योंकि तेजी से बढ़ रहे ऑनलाइन रिटेल सेक्टर में कानूनी अनिश्चितता खत्म हो जाएगी.
रिपोर्ट में कहा गया कि ड्राफ्ट नेशनल पॉलिसी फ्रेमवर्क में में सुझाए गए कुछ उपायों में लोकल डेटा स्टोरेज, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के लिए घरेलू कार्ड पेमेंट नेटवर्क RuPay के उपयोग को अनिवार्य करना और ऑनलाइन रिटेल में सूक्ष्म, छोटे और मध्यम उद्यमों की भागीदारी को बढ़ाना शामिल है.
डॉक्यूमेंट में कहा गया है कि भारत डेटा भंडारण और अपने घरेलू भंडारण को प्रोत्साहित करने के लिए क्षमता विकसित करने के लिए भी कदम उठाएगा. ड्राफ्ट पॉलिसी में ये भी कहा गया कि सरकार की राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक नीति उद्देश्यों के लिए भारत में संग्रहीत डेटा तक पहुंच होगी. हालांकि ये पहुंच निजता के अधिकार और सहमति के आधार पर होगी.
ये कदम RIL चेयरमैन मुकेश अंबानी द्वारा अपने नए कॉमर्स प्लेटफॉर्म की घोषणा किए जाने के हफ्तों बाद उठाया गया है. भारत में ई-कॉमर्स पर वर्तमान में विदेशियों का प्रभुत्व है.