कई बार लो-क्वालिटी इमेज को लेकर हम सोचते हैं कि ये बेहतर होता तो काफी अच्छा होता है. Google को इसको लेकर काफी दिन से काम कर रहा था. अब Google ने कहा कि सुपर रेज्योलूशन मॉडल की मदद से लो-रेज्योलूशन फोटो को डिटेल्ड हाई-रेज्योलूशन इमेज में ट्रांसफॉर्म किया जा सकता है.
सुपर रेज्योलूशन की मदद से पुराने फैमली पोट्रेट्स और मेडिकल इमेजिंग सिस्टम्स को इम्प्रूव किया जा सकता है. Google ने बताया कि Diffusion मॉडल्स को ओरिजिनली 2015 में प्रपोज्ड किया गया था.
अब गूगल रिसर्च टीम ने इसको लेकर दो नए अप्रोच किए हैं. ये मशीन लर्निंग का यूज करके इमेज एनहेस करता है. गूगल ने दो मॉडल्स SR3 -- Image Super-Resolution और CDM -- Class-Conditional ImageNet Generation पेश किए हैं. गूगल ने कहा है इससे इमेज सिथेंसिस क्वालिटी को बढ़ाया जाएगा.
Google ने बताया कि SR3 सुपर-रेज्योलूशन डिफ्यूजन मॉडल लो-रेज्योलूशन इमेज से इनपुट लेता है और हाई-रेज्योलूशन इमेज को प्योर नॉइज से बनाता है. गूगल ने अपने ब्लॉग पोस्ट में इसके ताम करने के तरीके को बताया.
गूगल के अनुसार SR3 का यूज उस टाइम काफी बेहतर तरीके से हो सकेगा जब पोट्रेट और नेचुरल इमेज को अपस्केल करना हो. SR3 मॉडल में पॉजिटिव रिजल्ट को देखते गूगल ने CDM मॉडल को भी पेश किया. इससे पिक्चर के रेज्योलूशन को और भी बढ़ाया जा सकेगा.
इसको लेकर गूगल ने एक उदाहरण भी दिखाया. इसमें 32×32 फोटो को एनहेंस करके 64×64 बनाया गया उसके बाद इसे 256×256 बनाया गया. 64×64 फोटो को अपस्केल करके 256×256 और फिर 1024×1024 बनाया जा सकता है.