Google की ईमेल सेवा Gmail है. Gmail भारत समेत पूरी दुनिया में पॉपुलर है. Gmail ने AI हैकिंग को कंफर्म कर दिया है और 2.5 अरब यूजर्स को सावधान रहने को कहा है. साइबर स्कैमर्स यहां बड़ी ही चालाकी और AI की मदद से लोगों को चूना लगा रहे हैं.
साइबर ठग आमतौर पर भोले-भाले लोगों को कॉल करते हैं. यहां Gmail अकाउंट को हैक करने के लिए अलग-अलग झूठ बोलते हैं. ऐसा ही एक तरीका है, जिसमें साइबर स्कैमर्स खुद को Google Agent बताते हैं.
यूजर्स को अनजान नंबर से कॉल करते हैं और खुद को अमेरिकी बताते हैं. बोलने का तरीका भी अमेरिकी जैसा होता है. ऐसे में बहुत से यूजर्स धोखा खा जाते हैं. साइबर ठग Gmail यूजर्स से बोलते हैं कि आपका Gmail अकाउंट हैक हो चुका है. इसके बाद वे Gmail अकाउंट ऑथेंटिकेट करने की बात कहते हैं.
फिर साइबर ठग अकाउंट रिकवर करने का तारीका भी बताते हैं. यहां वे मदद करने का पूरा वादा करते हैं. यहीं से साइबर ठगी का असली खेल शुरू होता है. अगर विक्टिम शख्स साइबर ठग की बातों पर यकीन कर लेता है. इसके बाद साइबर ठग विक्टिम को एक ईमेल सेंड करते हैं और उसे ओपेन करने को कहते हैं और दिए गए लिंक पर क्लिक करने को कहते हैं.
इसके बाद विक्टिम जैसे ही अकाउंट सुरक्षित करने की इरादे से उस खतरनाक लिंक पर क्लिक करते हैं, तभी साइबर हैकर्स Gmail अकाउंट का एक्सेस ले लेते हैं. इसके बाद लॉगइन डिटेल्स समेत बहुत सा डेटा चोरी कर लेते हैं.
हैक क्लब के फाउंडर ज़ैक लैटा ने बताया कि यह स्कैम एक बड़े लेवल का हो सकता है. जैक लैटा ने बताया कि साइबर हैकर्स की आवाज एक रियल इंजीनियर की तरह निकालते है और उसके बोलने का तरीका भी अमेरिकी जैसा होता है.