Cyber Attack का एक और मामला सामने आया है. हैकर्स ने आंद्र प्रदेश महेश को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक से करोड़ों रुपये चोरी किए हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, हैकर्स ने बैंक से 12.9 करोड़ रुपये उसी बैंक के तीन अकाउंट में ट्रांसफर किए और बाद में उन तीन अकाउंट्स से अलग-अलग बैंकों के 128 अकाउंट्स में पैसों को ट्रांसफर किया. इसकी जानकारी मंगलवार को बैंक अधिकारियों ने दी है.
बैंक के आईटी हेड K. Badrinath ने बताया कि कंज्यूमर्स का डेटा और डिपॉजिट सुरक्षित है. हैकर्स ने पैसे बैंक के Remittance fund से ट्रांसफर किए हैं. उनका दावा है कि हैकिंग की जानकारी होते ही बैंक अधिकारियों ने आगे के ट्रांसफर को रोक दिया.
उन्होंने बताया, 'हमने तुरंत ही उन बैंक्स को भी अलर्ट कर दिया, जहां पैसे ट्रांसफर किए गए हैं और उनसे रिक्वेस्ट की है कि वह ट्रांसफर को होल्ड कर दें.' बैंक ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करा दी है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और तीनों अकाउंट्स को सीज कर दिया है.
रिपोर्ट्स की मानें तो सीज किए गए तीनों अकाउंट्स महेश बैंक के दो ब्रांच में थे, जिसमें हैकर्स ने शुरुआत में पैसे ट्रांसफर किए थे. बैंक ने साइबर सिक्योरिटी सिस्टम के कमजोर होने से इनकार किया है. बैंक अधिकारियों का कहना है कि साइबर अटैक की जानकारी होते ही, उन्होंने दूसरे नुकसान की भी जांच की.
बता दें कि बैंक का सर्वर रविवार को हैक हुआ था. बैंक का पेमेंट चैनल 24x7 काम करता है. महेश बैंक ने अकाउंट्स की डिटेल्स जांच टीम के अधिकारियों को सौंप दी है. बद्रिनाथ ने बताया कि चूंकि बैंक के पास साइबर फ्रॉड को लेकर इंश्योरेंस था, इसलिए फंड सुरक्षित है.
पुलिस मामले की जांच कर रही है. रिपोर्ट्स की मानें तो जिन तीन बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर किए गए थे, पुलिस उन खाताधारकों से पूछताछ कर रही है. पुलिस अधिकारिक इन खाताधारकों और दूसरे बैंक के अकाउंट्स के बीच लिंक की भी जांच कर रहे हैं. साइबर अपराधियों ने देश के कई हिस्सों में मौजूद 128 अकाउंट्स में इन फंड्स को ट्रांसफर किया है.