फोटो शेयरिंग ऐप Instagram आइडेंटिटी वेरिफिकेशन के लिए वीडियो सेल्फी मांग रहा है. इसके जरिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेक प्रोफाइल्स और स्पैम अकाउंट को कम करने की कोशिश करेगा. इसको लेकर सोशल मीडिया कंसल्टेंट Matt Navara ने स्क्रीनशॉट भी शेयर किया है.
स्क्रीनशॉट के अनुसार नया आइडेंटिटी वेरिफिकेशन प्रोसेस Instagram को किसी पर्सन के बारे में समझने में मदद करेगा कि वो रियल है या नहीं. प्लेटफॉर्म यूजर्स से एक शॉर्ट वीडियो बनाने के लिए कह रहा है जिसमें यूजर का हेड अलग-अलग डायरेक्शन में मूव कर रहा हो.
कंपनी का दावा है वो इस वीडियो सेल्फी को स्टोर करके नहीं रखेगा और इसे 30 दिन में डिलीट कर दिया जाएगा. Instagram ने कहा कि यूजर्स के हेड का अलग-अलग डायरेक्शन में मूव होने वाला एक शॉर्ट वीडियो चाहिए होगा. इससे यूजर की आइडेंटिटी को कन्फर्म किया जाएगा.
Instagram के अनुसार इस वीडियो सेल्फी को कभी भी प्लेटफॉर्म पर नहीं दिखाया जाएगा. कंपनी ने ये भी वादा किया है कि ये बायोमेट्रिक डेटा को कलेक्ट नहीं करेगा. साथ ही इसने ये भी कहा कंपनी के Face Recognition टेक्नोलॉजी को यूज नहीं किया जाएगा.
आपको बता दें कि ये पहली बार नहीं है जब Instagram वीडियो सेल्फी वेरिफिकेशन को ट्राई कर रहा है. इससे पहले सोशल मीडिया कंपनी ने इस तरह की सिक्योरिटी चेक फीचर को पिछले साल अगस्त में जारी किया था. ये कुछ टाइम के लिए ही उपलब्ध हुआ था. इसमें कंपनी को कुछ टेक्निकल इशू मिली. जिसके बाद इसे बंद कर दिया गया था.