YouTube की नई पॉलिसी से YouTubers की कमाई कम हो सकती है. क्योंकि अब व्यूवर्स पर टैक्स देने होंगे. ये नया नियम अमेरिका के बाहर के क्रिएटर्स पर लागू होगा. यानी भारत के यूट्यूबर भी कंपनी के इस पॉलिसी से प्रभावित होंगे.
कैसा टैक्स है ये?
कंपनी ने कहा है कि अमेरिका के बाहर के क्रिएटर्स की कमाई अगर अमेरिकी व्यूवर्स से होती है तो उस पर टैक्स लगेगा. इस पॉलिसी को कंपनी जून 2021 से शुरू करने वाली है. इसको लेकर YouTube ने अपने क्रिएटर्स को मेल भेजना शुरू कर दिया है. खबर सुनते ही YouTubers सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं .
YouTube ने क्रिएटर्स AdSense में उनका टैक्स इनफार्मेशन भी मांगा है. इससे सही टैक्स अमाउंट को पता करने में आसानी होगी. ये पॉलिसी अमेरिका से बाहर रहे सभी क्रिएटर्स पर लागू होगी. इसमें भारतीय क्रिएटर्स भी शामिल है. अमेरिका में रह रहे क्रिएटर्स से इस तरह की कोई टैक्स नहीं लिया जाएगा.
YouTube के सपोर्ट पेज में कहा गया है कि इसका पैरेंट कंपनी गूगल यूएस इंटरनल रेवेन्यू कोड के चैप्टर 3 के अनुसार टैक्स इनफार्मेशन कलेक्ट कर सकता है. अगर कोई क्रिएटर यूएस के व्यूवर्स से पैसे कमाता है तो वो इसके बदले उसे टैक्स देना होगा. इसकी जानकारी कंपनी यूएस इंटरनल रेवेन्यू को देगी. इस वजह से नए टैक्स सिस्टम को कंपनी की ओर से लागू किया गया है.
YouTube के सपोर्ट पेज में कहा गया है कि इसका पैरेंट कंपनी गूगल यूएस इंटरनल रेवेन्यू कोड के चैप्टर 3 के अनुसार टैक्स इनफार्मेशन कलेक्ट कर सकता है. अगर कोई क्रिएटर यूएस के व्यूवर्स से पैसे कमाता है तो वो इसके बदले उसे टैक्स देना होगा. इसकी जानकारी कंपनी यूएस इंटरनल रेवेन्यू को देगी. इस वजह से नए टैक्स सिस्टम को कंपनी की ओर से लागू किया गया है.
YouTube ने अपने क्रिएटर्स को नए अपडेट के बारे में बता दिया है. क्रिएटर्स को ऐडसेंस अकाउंट में टैक्स इनफार्मेशन को जल्द से जल्द पूरा कर लेने को कहा गया है. अगर कोई क्रिएटर 31 मई तक इनफार्मेशन नहीं दे पाता है तो कंपनी उसके वर्ल्ड वाइड कमाई का 24 परसेंट काट सकती है.
अगर क्रिएटर्स अपने टैक्स की डिटेल्स कंपनी को दे देता है तो कंपनी उसके यूएस व्यूअर्स की कमाई का 0 से 30 परसेंट विथहोल्ड कर के रखेगी. विथहोल्ड रेट इस बात पर डिपेंड करेगा कि क्रिएटर के देश का टैक्स ट्रीटी अमेरिका के साथ कैसा है. इसका मतलब अलग-अलग देश के लिए अलग-अलग टैक्स की कटौती की जाएगी. भारत की बात करें तो यहां पर विथहोल्डिंग रेट यूएस व्यूअर्स से हुई कमाई का 15 परसेंट है.
YouTube ने नई पॉलिसी की जानाकारी ट्विटर से दी है. इस नई पॉलिसी से क्रिएटर्स काफी नाराज दिख रहे है. इस पॉलिसी की आलोचना क्रिएटर्स ट्विटर पर कर रहे है. यूट्यूब से कमाई के लिए क्रिएटर्स के चैनल पर एक साल में 4,000 घंटे का वॉच टाइम और 1,000 सब्सक्राइबर होने चाहिए. पिछले साल कंपनी ने अपनी पॉलिसी में बदलाव करते हुए छोटे क्रिएटर्स के बनाए वीडियो पर भी ऐड दिखाना शुरू किया था. अब इस नई टैक्स पॉलिसी के बाद से कंपनी सभी क्रिएटर्स के निशाने पर आ गई है.