5G नेटवर्क लाइव हो चुका है और अब लोगों के फोन में 5G सिग्नल भी आ रहा है. दिल्ली, मुंबई, वाराणसी समेत 8 शहरों में आज ही सर्विस लाइव हो गई है. आने वाले दिनों में 13 शहरों में इसकी पहुंच हो जाएगी. 5G पर चल रही इस चर्चा के बीच आपके मन में सवाल आया होगा कि इसके आने से क्या बदल जाएगा.
क्या 5G नेटवर्क का कम मतलब सिर्फ तेज इंटरनेट ही है? नहीं, इसके आने के बाद हमारे आसपास कई बदलाव देखने को मिलेंगे. कई तो ऐसे होंगे, जो फ्यूचर का रास्ता तय करेंगे. मेटावर्स ऐसा ही एक कॉन्सेप्ट है.
आज से कुछ साल पहले तक कब किसी ने सोचा नहीं होगा कि मेटावर्स जैसी टेक्नोलॉजी आम लोगों तक पहुंचेगी. मेटावर्स ही नहीं कई दूसरी बहुत सी टेक्नोलॉजी भी हैं, जिनके इस्तेमाल का तरीका 5G के बाद बदल सकता है. आइए जानते हैं 5G का हमारे फ्यूचर पर क्या असर पड़ेगा.
निश्चित तौर पर 5G आने पर आपको सुपर फास्ट इंटरनेट स्पीड मिलेगी. इस पर आपको 1GBps की स्पीड मिलेगी. इस स्पीड पर आप किसी HD क्वालिटी की मूवी को महज 6 सेकेंड में डाउनलोड कर सकेंगे.
इसे लेकर HighSpeedInternet.com ने एक रिपोर्ट भी जारी की थी. उन्होंने बताया था कि अमेरिका में 5G नेटवर्क की वजह से हर महीने लोगों के 23 घंटे बचते हैं. ये वक्त लोग सोशल मीडिया ब्राउजिंग, ऑनलाइन गेमिंग, म्यूजिक स्ट्रीमिंग और टीवी व मूवी डाउनलोड में खर्च करते थे.
वैसे तो टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल मेडिकल लाइन में पहले भी होता था. 5G आने के बाद इसमें लेटेंसी कम होगी, जिससे सही समय पर किसी मरीज को इलाज मिल पाएगा. इसका डेमो एयरटेल ने IMC 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी दिखाया.
एयरटेल ने प्राइवेट अस्पताल के साथ मिलकर एक इमरजेंसी एम्बुलेंस बनाई है, जिसमें इंटरनेट कनेक्टिविटी होगी. इससे किसी मरीज को अस्पताल लाते हुए सीधे डॉक्टर से संपर्क में रखा जा सका जाएगा.
वैसे 5G आने के बाद डिफेंस और बचाव कार्य में मदद मिलेगी. इसका डेमो वोडाफोन आइडिया ने लॉन्चिंग में दिखाया है. वोडाफोन आइडिया के नेटवर्क का इस्तेमाल करके पीएम मोदी ने सुरंग में काम करने वाले मजदूरों से बातचीत की है. 5G आने के बाद इस तरह के दूर-दराज के इलाकों तक कनेक्टिविटी आसान होगी.
सबसे ज्यादा असर शिक्षा के क्षेत्र पर पड़ेगा. इसका उदाहरण हम कोरोना महामारी के दौर में देख चुके हैं. भविष्य में बच्चों की पढ़ाई में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल ज्यादा होगा और इसमें 5G का बड़ा रोल होगा. इसका डेमो जियो ने दिखाया.
IMC 2022 में जियो नेटवर्क की मदद से पीएम मोदी ने महाराष्ट्र के स्कूल के बच्चों से बात की. इस दौरान एक बच्ची होलोग्राम टेक्नोलॉजी की मदद से वर्चुअली स्टेज पर भी मौजूद थी.
इसके अलावा नई टेक्नोलॉजी के विकसित होने में भी 5G नेटवर्क का रोल बढ़ जाएगा. 4G आने के बाद IoT का इस्तेमाल बढ़ा है. वहीं 5G नेटवर्क पर कनेक्टिविटी आसान होने से सिक्योरिटी और मनोरंजन से जुड़े नए प्रोडक्ट्स मार्केट में आएंगे.
मेटावर्स का कॉन्सेप्ट आज भले ही सीमित लोगों तक हो, लेकिन 5G सर्विसेस के लोगों तक पहुंचने के बाद ये टेक्नोलॉजी भी आम होगी. ऐसी तमाम टेक्नोलॉजी हैं, जो आने वाले भविष्य में आम लोगों तक नए नेटवर्क की मदद से पहुंचेगी.