भारत में 5G का इंतजार लंबा हो सकता है. टेलिकम्युनिकेशन कंपनियों ने ट्रायल के लिए और समय मांगा है. Airtel, Reliance Jio और Vodafone Idea ने डिपार्टमेंट ऑफ टेलिकम्युनिकेशन (DoT) से 5G ट्रायल को एक साल तक बढ़ाने के लिए कहा है. ये रिक्वेस्ट तब की गई जब टेलीकॉम कंपनियों को ट्रायल के लिए दी गई परमिट 26 नवंबर को खत्म होने वाली है. अगर टेलीकॉम डिपार्टमेंट एक्सटेंशन वाली बात को मान लेता है तो फिर 5G ऑक्शन 2022 के सेकेंड हाफ में होगा.
इस साल मई में सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों को टेस्टिंग के लिए 700 MHz बैंड, 3.3-3.6 GHz (GHz) बैंड और 24.25-28.5 GHz बैंड पर स्पेक्ट्रम अलग-अलग जगहों पर दिया था. इसके लिए 6 महीने का समय दिया गया था.
ET की एक रिपोर्ट के अनुसार तीनों टेलीकॉम कंपनियां चाहती हैं कि उनका ट्रायल एक साल के लिए बढ़ा दिया जाए. हालांकि, 5G सर्विस अभी आने के बाद भी तुरंत सभी के लिए उपलब्ध नहीं हो जाएगा. इसके इंफ्रास्ट्रक्चर को देश में पूरी तरह से डेवलप करने में कम से कम डेढ़ साल का समय लगेगा.
3.3-3.6 GHz बैंड पर 5G स्पेक्ट्रम के लिए मिनिमम प्राइस DoT ने 50,000 करोड़ रुपये सेट किया है. टेलीकॉम कंपनियों के अनुसार ये उनके लिए काफी ज्यादा है. कंपनियों का मानना है कि सरकार उनकी मांग पर विचार करके कीमत कम कर सकती है.
हाल ही में टेलीकॉम ऑपरेटर्स ने कई जगहों पर 5G ट्रायल किया है. इसमें काफी फास्ट 5G स्पीड मिली है. भारत में अब 5G स्मार्टफोन्स भी कम कीमत पर उपलब्ध हो गए हैं. लेकिन, अगर कंपनियों की मांग मान ली जाती है तो अभी 5G के लिए लोगों को और इंतजार करना पड़ सकता है.