29 जून, 2007...! ऐपल ने लोगों को फोन की एक नई दुनिया यानी iPhone दिखाई. आज से 15 साल पहले ऐपल ने अपना पहला आईफोन लॉन्च किया था. आईफोन की 15वीं सालगिरह पर The Wall Street Journal ने एक नई डॉक्यूमेंट्री शेयर की.
वैसे तो इस डॉक्यूमेंट्री में आईफोन की यादों का पिटारा है. पिटारा जिसमें ऐपल के मार्केटिंग चीफ Greg Joswiak, आईफोन के को-क्रिएटर Tony Fadell और आईफोन यूजर्स की एक फैमिली के इंटरव्यू को संयोजा गया है.
हम सभी जानते हैं पुराने यादें सिर्फ अच्छी नहीं होती हैं. इनके साथ कुछ ऐसे लम्हें भी आते हैं, जो लोगों के जेहन में घाव कर देते हैं. ऐसा ही एक वाकया फिर से चर्चा में है.
इंटरव्यू के एक सेगमेंट में एंड्रॉयड बनाम iPhone की पुरानी जंग की झलक देखने को मिली. ये वो वक्त था जब एंड्रॉयड फोन्स बड़ी डिस्प्ले के साथ आने लगे थे और iPhone में छोटी स्क्रीन ही मिलती थी.
इस बारे में Greg Joswiak से पूछा गया कि सैमसंग और दूसरे एंड्रॉयड स्मार्टफोन मेकर्स का iPhone पर कितना प्रभाव पड़ा. Joswiak ने कहा कि उस वक्त वे 'चिढ़ पैदा करने वाले' थे और उन्होंने ऐपल की टेक्नलॉजी को बुरी तरह से कॉपी किया.
Joswiak ने बताया, 'वे चिढ़ पैदा करते थे क्योंकि आप जानते हैं, उन्होंने हमारी टेक्नोलॉजी को बर्बाद किया था. उन्होंने उस इनोवेशन को लिया और उसकी एक खराब कॉपी बनाई. केवल एक बड़ी स्क्रीन लगाकर.'
दरअसल, सैमसंग और ऐपल ने एक लंबी लड़ाई लड़ी थी, जिसकी चिढ़ आज भी ऐपल में जिंदा है. साल 2013 में Samsung ने Galaxy S4 लॉन्च किया था. यह फोन 5-inch की स्क्रीन के साथ लॉन्च हुआ था.
उस वक्त iPhone 5 मार्केट में था, जो 4-inch के डिस्प्ले के साथ आता है. ऐपल ने अपना पहला बड़ी स्क्रीन वाला फोन 2014 में लॉन्च किया. ब्रांड ने 4.7-inch की स्क्रीन के साथ iPhone 6 और 5.5-inch की डिस्प्ले के साथ iPhone 6 Plus लॉन्च हुआ था.
ऐपल ने साल 2011 में सैमसंग पर पेटेंट उल्लंघन का केस किया था. सैमसंग पर आरोप था कि उन्होंने आईफोन के होम बटन, होम मेन्यू समेत कई फीचर्स को कॉपी किया है. कुछ मामलों में सैमसंग को दोषी भी पाया गया और उस पर जुर्माना लगा.
ज्यादातर कानूनी लड़ाई की तरह इस केस में भी जीत के बाद एक नया केस आता गया. आखिर में दोनों कंपनियों ने साल 2018 में इस मामले को सेटल कर लिया, लेकिन किस कीमत पर ये सेटलमेंट हुआ इसकी जानकारी किसी को नहीं है.