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Apple की iPhone यूजर्स को वॉर्निंग, Pegasus जैसे स्पाईवेयर से हुआ है हमला, तुरंत करें ये काम

Apple Issued Warning For iPhone: ऐपल ने भारत समेत 98 देशों के iPhone यूजर्स के लिए वॉर्निंग जारी की है. कंपनी ने बताया है कि साइबर क्रिमिनल्स लोगों के iPhone का एक्सेस हासिल करने के लिए स्पाईवेयर अटैक कर रहे हैं. ये स्पाईवेयर हमला काफी गंभीर है और इसका नेचर Pegasus जैसा बताया जा रहा है. आइए जानते हैं आप कैसे इससे बच सकते हैं.

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iPhone यूजर्स के लिए ऐपल ने जारी की वॉर्निंग
iPhone यूजर्स के लिए ऐपल ने जारी की वॉर्निंग

दिग्गज टेक कंपनी Apple ने iPhone यूजर्स के लिए वॉर्निंग जारी की है. कंपनी ने 98 देशों के यूजर्स के लिए ये वॉर्निंग जारी की है, जिसमें भारत भी शामिल है. ऐपल की ये वॉर्निंग Pegasus जैसे स्पाईवेयर को लेकर है. कंपनी का कहना है कि ये स्पाईवेयर इंजीविजुअल ऐपल यूजर्स को टार्गेट कर रहा है. 

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यूजर्स की Apple ID से जुड़े iPhone का रिमोटली एक्सेस हासिल करने के लिए इस स्पाईवेयर से हमला किया जा रहा है. कंपनी का कहना है कि ये हमला 'आप कौन हैं या आप क्या करते हैं' इस वजह से हो सकता है. ऐपल ने इसे लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है. 

ये इस साल दूसरा मौका है, जब ऐपल ने इस तरह की कोई वॉर्निंग जारी की है. इससे पहले कंपनी ने अप्रैल में 92 देशों के यूजर्स के लिए ऐसी ही वॉर्निंग जारी की थी. कंपनी ने यूजर्स से इस वॉर्निंग की गंभीरता से लेने की बात कही है. 

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कैसे बच सकते हैं आप? 

इस अटैक से बचने के लिए कंपनी ने यूजर्स को Lockdown Mode को ऑन करने की बात कही है. इसके साथ ही कंपनी ने अनजान लिंक और अटैचमेंट्स को ना क्लिक करने की सलाह दी है. लॉकडाउन मोड iPhone का एक खास फीचर है, जिसका इस्तेमाल इस तरह के स्पाईवेयर से बचने के लिए किया जाता है. 

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हालांकि, इस मोड को ऑन करने के बाद यूजर्स कई फीचर्स ऐक्सेस नहीं कर पाएंगे. लॉकडाउन मोड में यूजर्स को फेसटाइम कॉल्स और ईमेल अटैचमेंट का एक्सेस नहीं मिलता है. ये सब करके कंपनी iPhone को ज्यादा सिक्योर रखने की कोशिश करती है. 

कैसा स्पाईवेयर हमला का ये? 

ऐपल ने अपने सपोर्ट पेज पर इसकी जानकारी दी है. कंपनी का कहना है कि ये हमला दूसरी साइबर क्रिमिनल एक्टिविटी से मुकाबले ज्यादा गंभीर है. साइबर अटैकर्स कुछ लोगों को टार्गेट करने के लिए काफी संसाधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसकी वजह से उन्हें डिटेक्ट कर पाना और रोक पाना मुश्किल हो जाता है. 

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इस तरह के हमले करने में लाखों डॉलर का खर्च आता है. इन स्पाईवेयर की उम्र भी बहुत कम होती है. ऐपल ने ये भी कहा है कि इसका असर ज्यादातर लोगों पर नहीं होगा. इसके जरिए कुछ खास लोगों को टार्गेट किया जा रहा है. इसी तरह का एक स्पाईवेयर Pegasus था, जिसकी वजह से दुनियाभर में काफी हंगामा हुआ था.

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