Apple Watch अक्सर अपने फीचर्स को लेकर चर्चा में रहती है. कई बार इस वॉच की वजह से लोगों की जान बच सकी है. खासकर अमेरिका में वॉच का SOS फीचर कई मौकों पर लोगों की जान बचाने में कामयाब रहा है. Apple Watch Series 6 और इसके बाद के मॉडल्स एक बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं.
दिक्कत इन वॉच में इस्तेमाल हुई टेक्नोलॉजी के पेटेंट से जुड़ी हुई है. अमेरिकी कोर्ट ने ऐपल को पेटेंट उल्लंघन के मामले में दोषी पाया है. ऐपल और एक मेडिकल टेक कंपनी के बीच पेटेंट का ये लंबे समय से चल रहा था.
इसमें मेडिकल टेक कंपनी ने आरोप लगाया था कि ऐपल ने अपनी वॉच में जिस ऑक्सीजन लेवल मेजर करने वाली टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है, वो पेटेंट का उल्लंघन करती है.
अगर United States International Trade Commission (USITC) इस आरोप को सही पाता है, तो ऐपल वॉच को बैन किया जा सकता है. दरअसल, Apple Watch और मेडिकल टेक कंपनी Masimo के बीच लंबे समय से ये पेटेंट विवाद चल रहा है.
इस मामले में कोर्ट ने ऐपल को दोषी पाया गया है. इसे बाद USITC इसकी जांच कर रहा है. कमीशन ऐपल वॉच 6 और उसके बाद के मॉडल्स के इंपोर्ट पर बैन लगा सकता है. पहली ऐपल वॉच की रिलीज से पहले Apple ने Masimo के साथ साझेदारी की कोशिश की थी.
Masimo के CEO का कहना है कि इस मीटिंग का मकसद कुछ कर्मचारियों को फंसाना और उनसे जानकारी हासिल करना था. ज्यादातर हॉस्पिटल में यूज होने वाली मॉडर्न ब्लड ऑक्सीजन सेंसर टेक्नोलॉजी Masimo की है. कंपनी की मानें तो ऐपल ने इसकी जानकारी हासिल करने के लिए ये मीटिंग की थी.
इस मीटिंग के कुछ दिनों बाद ही ऐपल ने Masimo के चीफ मेडिकल ऑफिसर को अपने यहां हायर कर लिया. इसके बाद साल 2020 में Masimo ने ऐपल पर 10 अलग-अलग पेटेंट का उल्लंघन करने का आरोप लगाया. साथ ही अमेरिका में ऐपल वॉच को बैन करने की भी मांग की. इस मामले में USITC को अभी भी अंतिम फैसला लेना है.
कमीशन ऐपल के पल्स ऑक्सीमीटर की टेक्नोलॉजी और उसके इम्प्लीमेंटेशन की बारीकी से जांच करेगा. इसके बाद फैसला किया जाएगा कि क्या ऐपल ने Masimo की टेक्नोलॉजी चोरी की है. ध्यान रहे कि यूनाइटेड स्टेट्स इंटरनेशनल ट्रेड कमीशन अमेरिकी कोर्ट से स्वतंत्र है. इसलिए इनका फैसला कोर्ट से अलग भी हो सकता है.