स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का एक अहम हिस्सा है. किसी से कॉन्टैक्ट करना हो या फिर बैंक ट्रांज़ैक्शन, अधिकतर काम मोबाइल से किए जा सकते हैं. ऐसे में अधिकतर व्यक्ति अपने मोबाइल की बैटरी चार्ज करके रखते हैं. लेकिन अगर आप पब्लिश प्लेस पर मौजूद चार्जिंग का इस्तेमाल करते हैं, तो सावधान होने की जरूरत है. दरअसल, स्कैमर्स मासूम यूजर्स को चूना लगने का लिए Juice Jacking नाम की तकनीक का इस्तेमाल करते हैं.
इस तकनीक से हैकर्स आम लोगों के साथ धोखाधड़ी करने के लिए पब्लिस प्लेस में लगे चार्जिंग पोर्ट्स का इस्तेमाल करते हैं. ये चार्जिंग पोर्ट्स आपको रेलवे, एयरपोर्टस, बस या बस अड्डा आदि पर मिल सकते हैं. यह स्कैम सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया में इसका जाल फैला है.
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Federal bureau of investigation (FBI) ने हाल ही में अमेरिकी लोगों के लिए एक चेतावनी जारी की थी, जिसमें बताया था कि पब्लिक चार्जिंग डॉक खतरनाक साबित हो सकता है. सरकारी एजेंसी ने सलाह दी है कि लोग खुद का पावर बैंक इस्तेमाल करें. जानते हैं कि Juice Jacking तकनीक कैसे काम करती है.
Juice Jacking एक प्रकार का साइबर अटैक है, जिसके लिए स्कैमर्स एक फर्जी चार्जिंग स्टेशन तैयार करता है. इन चार्जिंग स्टेशन को ऐसे तैयार किया जाता है, जिससे वे आम लोगों के साथ धोखाधड़ी कर सकें.
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जब भी कोई आम व्यक्ति अपने फोन को इन फर्जी चार्जिंग स्टेशन के साथ प्लग करता है, तो स्कैमर्स यूजर्स के डिवाइस को एक्सेस करना शुरू कर देते हैं. इसके बाद यूजर्स की पर्सनल डेटा पर सेंध लगाई है. इसके अलावा बैंकिंग संबंधित जानकारी को भी चुराने की कोशिश की जाती है, इसके बाद बैंक अकाउंट खाली हो सकता है.
Juice Jacking नाम की तकनीक से बचना काफी मुश्किल होता है, क्योंकि यूजर्स असली और फेक में आसानी से फर्क नहीं कर पाते हैं. लेकिन कुछ टिप्स को फॉलो करने से इनसे बचाव कर सकते हैं. सिक्योरिटी के मद्देनजर फोन में USB data blocker का इस्तेमाल करें. यह एक छोटा एडेप्टर है. यह चार्जिंग स्टेशन और फोन के बीच काम करता है.