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सावधान! आपके iPhone और Airpods का बन सकता है क्लोन, ना करें ये गलती

Apple iPhone और Airpods यूजर्स के लिए जरूरी जानकारी है. आपके ओरिजनल डिवाइस का क्लोन बन सकता है. इसकी वजह से अगर आपका प्रोडक्ट खराब हो जाता है, तो उसकी सर्विसिंग में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. आज आपको बताने जा रहे हैं कि कैसे अपने महंगे iPhone और Airpods की क्लोनिंग होने से बचा सकते हैं. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.

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Apple iPhone और Airpods का बन सकता है क्लोन.
Apple iPhone और Airpods का बन सकता है क्लोन.

Apple के iPhone और Airpods की पॉपुलैरिटी किसी से छिपी नहीं है. इन महंगे डिवाइस को खरीदने के लिए कई लोग काफी रुपये भी खर्च करते हैं. अगर कोई आपके महंगे आईफोन या एयरपोड्स का क्लोन तैयार कर लें, तब क्या करेंगे? ऐसे लोगों की कमी नहीं है, जो नकली यानी क्लोन iPhone और AirPods को ओरिजनल बताकर सेल करते हैं. 

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दरअसल, आज आपको बताने जा रहे हैं कि कैसे आप अपने आईफोन या इयरबड्स की क्लोनिंग होने से बचा सकते हैं. क्लोनिंग और सीरियल नंबर की कॉपी होने की वजह से आपको सर्विसिंग और वारंटी को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है . 

Insta यूजर्स ने दी जानकारी 

दरअसल, इंस्टाग्राम पोस्ट में एक ब्लॉगर ने बताया कि उनके आईफोन और एयरपोड्स के IMEI और सीरियल नंबर को कॉपी कर लिया, जिसके बाद उसे परेशानी का सामना करना पड़ा. 

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अचानक बंद हो गया प्रोडक्ट  

इंस्टाग्राम पर iamhappyaujla यूजर्स ने बताया कि उनके Airpods  ने अचानक काम करना बंद कर दिया. इसके बाद वह सर्विस सेंटर गए, तो उन्हें पता चला कि उसके एयरपोड्स का क्लोन मौजूद है. उन्होंने बताया कि वह वीडियो में कई बार Airpods आदि को दिखाते हैं, शायद जहां से सीरियल नंबर लीक हो गया. ..

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सर्विस सेंटर पर जाना पड़ा 

इंस्टा पोस्ट में उन्होंने बताया कि Apple सर्विस सेंटर पर उन्हें अपना सीरियल नंबर रिस्टोर करना पड़ा. इसके लिए उन्हें अपना Apple Store का बिल आदि दिखाना पड़ा और कई फॉर्मेलिटी पूरी करनी पड़ी.   

IMEI और सीरियल नंबर कैसे कॉपी होते हैं?

फेक या क्लोन आईफोन और इयरपोड्स बेचने वाले अक्सर ओरिजनल आईफोन का IMEI नंबर या फिर एयरपोड्स के सीरियल नंबर को कॉपी कर लेते हैं. इसके बाद वह नकली और क्लोन प्रोडक्ट पर उसे पेस्ट कर देते हैं.

इसके लिए वह Youtube, Instagram और दूसरे वीडियो प्लेटॉफर्म और फोटो साइट का सहारा लेते हैं. यहां पर कई लोग अपने प्रोडक्ट की फोटो या वीडियो शेयर करते हैं. यहां से सीरियल नंबर आदि कॉपी कर लेते हैं, उसके बाद अपने प्रोडक्ट पर पेस्ट कर देते हैं.  

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भोले-भाले लोगों को लगाते हैं चूना 

कई लोग फेक Airpods को ओरिजनल बताते हैं. इतना नहीं, फेक सीरियल नंबर की मदद से वह इंटरनेट पर चेक करके भी दिखा देते हैं कि यह ओरिजनल प्रोडक्ट है.  ऐसे में बहुत से लोगों को नकली प्रोडक्ट पर यकीन हो जाता है और वह उन्हें खरीद लेते हैं. 

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