BSNL 4G का इंतजार दिन-ब-दिन लंबा होता जा रहा है. पहले टेलीकॉम इंडस्ट्री में बीएसएनएल का राज हुआ करता था. टेलीकॉम का मतलब एक बड़ी आबादी के लिए सिर्फ BSNL हुआ करता था. धीरे-धीरे कंपनी प्राइवेट ब्रांड्स से पिछड़ती चली गई. सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL पिछले कई सालों से प्राइवेट प्लेयर्स से जूझ रही है.
जहां दूसरी टेलीकॉम कंपनियां 4G से अब 5G स्पेक्ट्रम नीलामी की ओर बढ़ रही हैं. वहीं BSNL अभी भी 3G पर अटकी हुई है. कंपनी अभी तक 4G सर्विस को रोलआउट नहीं कर पाई है, जो साल 2020 में ही होनी थी.
रिपोर्ट्स आ रही थीं कि इस साल के अंत तक हमें BSNL 4G मिल जाएगा, लेकिन नई रिपोर्ट्स में कुछ और ही दावा किया जा रहा है. बीएसएनएल 4G सर्विस के लिए कंज्यूमर्स को अलगे 18 से 24 महीनों का इंतजार करना होगा.
लेटेस्ट रिपोर्ट्स की मानें तो BSNL 4G के लिए टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी TCS ने टेलीकॉम कंपनी के साथ हाथ मिलाया है. TCS टाटा ग्रुप की सहयोगी कंपनी है, जो BSNL की नेटवर्क प्लानिंग, टेक्निकल और कमर्शियल आस्पेक्ट में मदद करेगी.
वहीं रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी के प्रॉबेबल बैंड्स में 5G NSA कोर और रेडिया तैयार हैं. उनकी टेस्टिंग हो रही है. इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, BSNL 4G सर्विस पूरे भारत में रोलआउट होने में 18 से 24 महीनों का वक्त लगेगा. 4G के अलावा कंपनी 5G सर्विस पर भी काम कर रही है.
TCS के COO और एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर, एन गणपति ने बताया, 'हम डेवलपमेंट और कमर्शियल मामलों में BSNL से कई मुद्दों की बातचीत के आखिरी पड़ाव पर हैं. इस साल के अंत से पहले इक्विपमेंट का पहला बैच आ जाएगा.'
उन्होंने बताया कि इसमें कई राउंड टेस्टिंग हो रही है. इसमें मौजूदा नेटवर्क और सिस्टम के साथ इंटीग्रेशन भी शामिल है. पिछली रिपोर्ट्स की मानें तो संचार राज्य मंत्री देवसिंह चौहान ने बताया था कि BSNL 4G सर्विस मार्च में रोलआउट हो सकती है. उन्होंने कहा था कि सरकार नेटवर्क सर्विस को बेहतर करने पर काम कर रही है.