पिछले कुछ दिनों से कॉल ड्रॉप की समस्या बढ़ गई है. खासकर जिन एरिया में 5G नेटवर्क लॉन्च हुआ है, वहां यूजर्स को ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. 5G नेटवर्क पर हो रहे कॉल ड्रॉप और कॉल फेलियर पर टेलीकॉम डिपार्टमेंट संज्ञान लिया है. ट्विटर पर पिछले कुछ दिनों से लगातार यूजर्स कॉल ड्रॉप की शिकायत कर रहे थे.
रिपोर्ट्स की मानें तो डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन के सीनियर अधिकारी ने बताया कि टेलीकॉम ऑपरेटर्स को अपने नेटवर्क क्वालिटी बेहतर करनी होगी. मौजूदा स्थिति आदर्श नहीं है. अधिकारी ने बताया, 'हमने ट्राई को भी इस संबंध में लिखा है और ये मामला कैसे हल होता है इस पर हमारी नजर रहेगी.'
अधिकारी ने बताया कि सेक्टोरल रेगुलरेटर के लिए क्वालिटी ऑफ सर्विस जरूरी है. 4G नेटवर्क पर भी उन्होंने चिंता व्यक्त की है. इस मामले में इंडस्ट्री एक्जीक्यूटिव्स का कहना है कि सभी हैंडसेट्स को 5G अपडेट मिलने के बाद सर्विस बेहतर होगी. 5G नेटवर्क अभी चुनिंदा एरिया में ही उपलब्ध है.
Jio और Airtel ने ही अभी तक 5G सर्विस को रोलआउट किया है. वहीं वोडाफोन आइडिया की सर्विस शुरू होने के संकेत फिलहाल नहीं दिख रहे हैं. दोनों कंपनियों ने अर्बन एरिया में 5G सर्विसेस को लॉन्च करना शुरू कर दिया है. जियो ने साल 2023 के अंत तक पूरे देश में अपनी 5G सर्विस लॉन्च करने का ऐलान किया है.
वहीं Airtel ने पूरे देश में 5G सर्विस को लॉन्च करने के लिए मार्च 2024 तक का टार्गेट रखा है. कंपनी लगातार अपने नेटवर्क का विस्तार कर रही है. वोडाफोन आइडिया ने अभी तक 5G को लेकर कोई ऐलान नहीं किया है.
कंपनी ने यूज केस के हिसाब से 5G लॉन्च की बात कह रही है. DoT अधिकारी ने कॉल ड्रॉप के मुद्दे पर बात करते हुए कहा है कि सरकार ने अपना काम कर दिया है. अब टेलीकॉम ऑपरेटर्स को अपना काम करना है.
COAI के डायरेक्टर जनरल, एसपी कोचर ने इस मामले में कहा है कि टेलीकॉम कंपनियां लगातार बेहतर सर्विस के लिए निवेश कर रही हैं. उन्होंने बताया कि ऑपरेटर्स ट्राई के क्वालिटी ऑफ सर्विस नॉर्म्स का पालन करने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि, इसमें उन्हें कुछ दिक्कतें आ रही हैं. जल्द ही कंपनियां इससे बाहर आ जाएंगी.