CERT-In यानी इंडियन कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम ने वॉर्निंग जारी की है. ये वॉर्निंग ऐपल प्रोडक्ट्स को लेकर है. कंपनी ने इस वॉर्निंग को हाई रिस्क वाली बताया है. सरकारी एजेंसी को रिमोट कोड एग्जीक्यूशन वल्नेरेबिलिटी मिली है. यानी एजेंसी को एक हाई रिस्क वाली खामी ऐपल के तमाम प्रोडक्ट्स में मिली है.
इस खामी का फायदा उठाकर हैकर्स आपके डिवाइस में सेंधमारी कर सकते हैं. हैकर्स रिमोटली आपके डिवाइस का एक्सेस हासिल कर सकते हैं और उस पर तमाम कोड्स को रन करा सकते हैं. आइए जानते हैं CERT-In की इस वॉर्निंग की डिटेल्स.
वॉर्निंग के मुताबिक, इस खामी का असर iPhone और iPad दोनों पर पड़ेगा. अगर आपका डिवाइस iOS और iPad OS के 17.4.1 के पहले वाले वर्जन पर काम कर रहा है, तो आप रिस्क जोन में हैं. ये अपडेट iPhone XS, iPad Pro 12.9-inch 2nd Gen और इसके बाद के सभी डिवाइसेस के लिए उपलब्ध है.
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iPad Pro 10.5-inch, iPad Pro 11-inch और इसके बाद के, iPad Air Gen 3 और उसके बाद के और iPad Mini के जेन-5 के बाद के सभी वर्जन पर इसका असर पड़ेगा. CERT-In के नोट के मुताबिक, इस वल्नेरेबिलिटी का असर Safari यूजर्स पर भी पड़ेगा.
इस खामी को iPhone, iPad और MacBook के अलावा Vision Pro हेडसेट में भी पाया गया है. इस कमी का फायदा उठाकर हैकर किसी यूजर्स को स्पेसिफिक लिंक के जरिए अपने जाल में फंसा सकते हैं. जैसे ही कोई उस लिंक पर क्लिक करता है हैकर्स रिमोटली यूजर के डिवाइस को हैक कर सकते हैं.
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अगर आप इस वल्नेरेबिलिटी से बचना चाहते हैं, तो आपको अपने iPhone, iPad और MacBook को अपडेट रखना होगा. कंपनी की ओर से जारी किए गए सिक्योरिटी पैच को आपको तुरंत ही अप्लाई करना चाहिए. CERT-In इन वल्नेरेबिलिटीज के बारे में मैन्युफैक्चर्र्स को पहले ही अपडेट कर देती है, जो इसके लिए अपडेट जारी करते हैं.