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ChatGPT के लिए खर्च करने होंगे पैसे, कीमत कर सकती है हैरान

ChatGPT Professional Plan: पिछले कुछ दिनों से ChatGPT की चर्चा हर तरफ हो रही थी. कोई इसके फीचर्स पर बात कर रहा था, तो कोई इसे गूगल का अल्टर्नेटिव बता रहा था. कंपनी ने अपने लिए कुछ और ही प्लान्स बनाए थे और उसकी झलक पिछले कुछ दिनों से दिख रही थी. अब कंपनी ने इसका प्रोफेशनल प्लान लॉन्च कर दिया है.

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ChatGPT के लिए खर्च होने इतने पैसे
ChatGPT के लिए खर्च होने इतने पैसे

ChatGPT पिछले कुछ दिनों से चर्चा का केंद्र बना हुआ था. कोई इसे गूगल के खत्म होने की शुरुआत बता रहा था, तो कोई इसमें सर्च इंजन का भविष्य तलाश रहा था. बीतें दिनों चर्चा हो रही थी कि कंपनी इसे पेड करने पर विचार कर रही है और आखिरकार Open AI ने इसकी डिटेल्स जारी कर दी है. 

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इसका मतलब है कि ChatGPT के लिए आपको सब्सक्रिप्शन प्लान खरीदना होगा. हालांकि, इसका एक फ्री वर्जन भी होगा. इसे आप कुछ कुछ YouTube सब्सक्रिप्शन की तरह समझ सकते हैं. जहां आपको एक फ्री वर्जन मिलता है और एक पेड, जिसे प्रीमियम कहते हैं.

कितने में मिलेगा प्लान? 

ChatGPT के साथ भी ऐसा ही है. Open AI ने इसका प्रोफेशनल प्लान लॉन्च कर दिया है. इसके लिए यूजर्स को 42 डॉलर हर महीने खर्च करने होंगे. वहीं भारत में इसके लिए कंपनी ने अलग से कीमत का ऐलान नहीं किया है. यानी यूजर्स को 42 डॉलर लगभग 3400 रुपये हर महीने खर्च करने होंगे. प्रोफेशनल यूजर्स को कई ऐसे फीचर्स मिलेंगे, जो फ्री यूजर्स के लिए उपलब्ध नहीं होंगे. 

क्या होगा अंतर? 

अगर आप ChatGPT का फ्री प्लान यूज करते हैं, तो इसमें आपको चैटबॉट की सर्विस तब ही मिलेगी जब डिमांड कम होगी. यानी कंपनी पहले प्रोफेशनल यूजर्स को मौका देगी. इसके अलावा यूजर्स को इस पर स्टैंडर्ड स्पीड और रेगुलर मॉडल अपडेट्स देखने को मिलेंगे. वहीं प्रोफेशनल प्लान पर कई फायदे मिलेंगे. 

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यूजर्स को हाई डिमांड होने पर भी सर्विस मिलेगी. इतना ही नहीं यूजर्स को हाई-स्पीड रिस्पॉन्स मिलेगा और नए फीचर्स को प्राथमिकता से यूज करने दिया जाएगा. हाल में ChatGTP और Microsoft साथ आए हैं, जिससे वे सर्च इंजन सेगमेंट में गूगल को टक्कर दे सकें. इस चैटबॉट को Open AI ने डेवलप किया है.

अगर आपने ChatGPT यूज किया होगा, तो इसकी वैल्यू को समझ सकेंगे. इस चैटबॉट को न्यूयॉर्क शहर के स्कूलों में बैन किया गया है. इसकी वजह तेजी से हो रहा इसका गलत इस्तेमाल है. बच्चे इसकी मदद से अपने होमवर्क तक कर रहे हैं. चूंकि, इसकी लिखावट में एक ह्यूमन टच होता है, इसलिए ये किसी इंसानों की तरह ही भाषा का इस्तेमाल करता है.

 

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