भारतीय बजट स्मार्टफोन सेगमेंट से चीनी कंपनियों को बाहर किए जाने की रिपोर्ट्स पर चीन ने जवाब दिया है. चीनी विदेश मंत्रालय अपनी कंपनियों को बचाव में आया है. पिछले कुछ दिनों से सरकार के रडार पर चीनी कंपनियां हैं. Oppo, Vivo और Xiaomi तीनों को ही टैक्स चोरी और कस्टम ड्यूटी बचाने के आरोप में नोटिस भेजा चुका है.
अब सस्ते चीनी स्मार्टफोन बैन को लेकर रिपोर्ट्स आ रही हैं. दरअसल, भारतीय स्मार्टफोन बाजार में चीनी कंपनियों का दबदबा है. पिछले दिनों ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में सस्ते चीनी फोन्स को भारतीय स्मार्टफोन मार्केट से बाहर करने की बात कही गई थी.
रिपोर्ट के मुताबिक. भारत सरकार चीनी कंपनियों के प्रभाव को कम करना चाहती है. इसके लिए 12 हजार रुपये से कम कीमत वाले फोन्स की कैटेगरी में चीनी कंपनियों को बैन किया जा सकता है. चीन अपनी कंपनियों के बचाव में खड़ा हुआ है.
चीनी विदेश मंत्रालय ने भारत से 'खुलेपन और सहयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को ईमानदारी से पूरा करने' का आग्रह किया है. यह बयान चीनी विदेश मंत्रालय के स्पोकपर्सन ने ब्लूमबर्ग के सवाल पर दिया है.
उन्होंने कहा, 'हम भारतीय पक्ष से आग्रह करते हैं कि वह खुलेपन और सहयोग के अपने कमिटमेंट को पूरा करें. चीनी कंपनियों के वैध हितों और अधिकारों की रक्षा करने में चीन दृढ़ता से उनका समर्थन करेगा.'
भारतीय स्मार्टफोन बाजार में दबदबा बना चुकी चीनी कंपनियां सरकार के रडार पर हैं. हाल में ही ओपो, वीवो और शाओमी का नाम टैक्स चोरी में आया है. इस महीने की शुरुआत में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बारे में राज्यसभा में जानकारी दी थी.
उन्होंने बताया कि तीनों कंपनियों की जांच पर सरकार नजर बनाए हुए हैं. इस मामले में Oppo, Vivo और Xiaomi को नोटिस भी भेजा जा चुका है.
ब्लूमबर्ग ने सूत्रों के हवाले से जानकारी दी थी कि सरकार 12 हजार रुपये के बजट से चीनी कंपनियों को बाहर करने की तैयारी कर रही है. हालांकि, इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है. पहले से ही टैक्स चोरी के आरोप में फंसी इन कंपनियों के लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं थी.