भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ (CJI D Y Chandrachud) ने AI को लेकर अपनी राय रखी. उन्होंने बताया कि कैसे इसका इस्तेमाल भारतीय ज्यूडिशियल सिस्टम में कर सकते हैं. बीते दो साल से AI को लेकर लगभग हर एक सेक्टर के लोगों के बीच में चर्चा है कि यह फायदेमंद साबित होगा या फिर नुकसान करेगा? अब CJI ने इस पर अपनी राय रखी.
CJI चंद्रचूड़ ने भारत और सिंगापुर ज्यूडिसियल कॉन्फ्रेंस के दौरान टेक्नोलॉजी के उपयोग पर अपनी राय रखी और AI को जरूरी भी बताया. उन्होंने न्यायिक प्रक्रिया में टेक्नोलॉजी के बढ़ते कदम और AI के इस्तेमाल को गेम चेंजर बताया है. साथ ही उन्होंने कहा कि ये समय विकास को अपनाने का है, हालांकि ये देखना होगा कि टेक्नोलॉजी का पूरा लाभ कैसे मिलेगा.
CJI चंद्रचूड़ ने इस बात पर जोर दिया कि हमें ये भी ध्यान रखना होगा कि AI का गलत इस्तेमाल ना किया जाए. साथ ही उन्होंने कहा कि ये भी सुनिश्चित करना होगा कि ये अमीर और गरीब के बीच की खाई को और गहरा ना करे.
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उन्होंने कहा कि कई शीर्ष अदालतों में पहले से ही AI को पेश किया जा चुका है, जो लाइव ट्रांस्क्रिप्शन की सर्विस देते हैं. यह सर्विस हिंदी समेत 18 स्थानीय भाषाओं में मौजूद है और यह लीगल इंफोर्मेशन को आम लोगों को एक्सेस करने की सुविधा देते हैं.
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उन्होंने कहा कुछ टास्क में AI उपयोगी साबित हो सकता है, जिसमें डॉक्यूमेंट रिव्यू, केस मैनेजमेंट और शेड्यूलिंग आदि शामिल हैं. AI की मदद से एडमिनस्ट्रेटिव प्रोसेस को आसान किया जा सकता है और पेपरवर्क को कम किया जा सकता है. यह सिर्फ खर्च कम करने का काम नहीं करेगा, बल्कि यह लोगों को जल्द से जल्द न्याय पाने में मददगार साबित हो सकता है.