6 लाख स्टूडेंट्स और 10 लाख टीचर्स का डेटा लीक हुआ है. रिपोर्ट की मानें तो ये डेटा सरकारी ऐप Diksha से लीक हुआ है. लीक हुआ डेटा एक असुरक्षित क्लाउड सर्वर पर सेव था, जहां से कोई भी इसे एक्सेस कर सकता था. इसमें यूजर्स का नाम, ईमेल आईडी, स्कूल बैकग्राउंड और दूसरी डिटेल्स शामिल हैं.
इस बारे में आधिकारिक रूप से कोई जानकारी सरकार ने नहीं दी है. इस ऐप को HRD मिनिस्ट्री (अब मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन ) ने साल 2017 में लॉन्च किया था.
साल 2020 में कोरोनावायरस महामारी के आने के बाद इस प्लेटफॉर्म पर क्लास 1 से क्लास 12 तक के स्टडी मैटेरियल ऐड किए गए, जिससे बच्चों को स्कूल बंद होने पर भी पढ़ाई में कोई दिक्कत ना हो.
WIRED की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी ऐप दीक्षा में रिसर्चर्स को एक सिक्योरिटी फ्लॉ मिला है. हालांकि रिपोर्ट में रिसर्चर्स के नाम की जानकारी नहीं दी गई है. इस लीक में स्टूडेंट्स और टीचर्स की पर्सनल डिटेल्स लीक हुई हैं.
दरअसल, ऐप का एक असुरक्षित क्लाउड स्टोरेज पर सेव किया गया था, जहां से हैकर्स, स्कैमर्स और कोई भी इस डेटा को हासिल कर सकता है. इन फाइल्स में यूजर्स का नाम, फोन नंबर और ईमेल ऐड्रेस तक शामिल है.
डेटा दो फाइल्स में सेव है. एक में टीचर्स की जानकारी है, जो देश के हजारों स्कूल्स में पढ़ाते हैं. वहीं दूसरी फाइल में 6 लाख स्टूडेंट्स का डेटा है. हालांकि, स्टूडेंट्स का नाम और फोन नंबर पूरी तरह स्पष्ट नहीं है. मगर इसमें बच्चों का पूरा नाम और दूसरी जानकारियां मौजूद हैं.
जैसे कि बच्चा किस स्कूल में पढ़ता है. उसने ऐप के किन कोर्स को एनरोल किया है और कितने कोर्स उसने पूरे किए हैं. रिपोर्ट की मानें तो रिसर्चर ने अपना नाम ना बताने की शर्त पर ये जानकारियां दी है.
रिसर्चर ने बताया कि ये डेटा उन्हें पिछले साल जून में मिला था. इसके बाद उन्होंने दीक्षा ऐप सपोर्ट को ईमेल के जरिए जानकारी दी, लेकिन उन्हें कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला. हालांकि, डेटा लीक लिंक सेंड करने के कुछ ही देर बाद उसे ऑफ लाइन कर दिया गया है.