Email भेजते वक्त टाइपो की गलती होना बहुत ही सामान्य है. इस वजह से ही स्पेलिंग चेक करने वाली सर्विसेस इतनी पॉपुलर हैं. क्या हो अगर आपने टाइपो ईमेल ऐड्रेस लिखते वक्त कर दिया हो? टेक्स्ट में हुई गलती से आप आसानी से बच सकते हैं, लेकिन ईमेल ऐड्रेस लिखने में हुई गलती की वजह से आप किसी बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं.
ये गलती और भी बड़ी हो जाती है, जब ईमेल किसी बड़ी संस्था से जुड़ा हो. ऐसा ही कुछ अमेरिकी मिलिट्री के साथ हुआ है. रिपोर्ट्स की मानें तो एक टाइपो की वजह से US मिलिट्री के लाखों ईमेल्स एक ऐसी कंपनी के पास जाते रहे, जो मेल इंटरनेट डोमेन मैनेज करती है. ये गलती दोनों के डोमेन में समानता की वजह से हुई है.
दोनों के डोमेन नेम .MIL और .ML हैं, जो क्रोमशः US मिलिट्री और Malian email addresses के लिए इस्तेमाल होते हैं. रिपोर्ट्स की मानें तो मिसडायरेक्टेड ईमेल्स में कई संवेदनशील जानकारियां मौजूद थी. इसमें डिप्लोमैटिक डॉक्यूमेंट्स, टैक्स रिटर्न और पासवर्ड जैसी डिटेल्स मौजूद हैं.
माली पश्चिमी अफ्रिका का एक देश है, जिसके रूस से नजदीकी संबंध हैं. ऐसे में ये गलती अमेरिका को भारी पड़ सकती थी. अमेरिकी मिलिट्री के ये मेल्स Mali Dili नाम की एक कंपनी के पास पहुंच रहे थे. कंपनी ने कई बार इस संबंध में अमेरिकी सरकार को जानकारी देने की कोशिश की, लेकिन अब तक इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.
पिछले हफ्ते .ML डोमेन का कंट्रोल Mali Dili से माली की सरकार को ट्रांसफर कर दिया गया. इसका मतलब है कि आगे से अमेरिकी मिलिट्री के ईमेल गलती से .ML डोमेन पर भेजे जाते हैं, तो उन्हें माली सरकार एक्सेस कर पाएगी.
रिपोर्ट्स की मानें तो ईमेल फ्लो में बड़ी संख्या में Spam मेल्स मौजूद थे. हालांकि, कुछ ईमेल्स में अमेरिकी मिलिट्री की जरूरी जानकारियां भी शामिल हैं. अब इस 1,17,000 मेल गलती से इस डोमेन पर भेजे गए हैं. पेंटागन का कहना है कि .MIL डोमेन से Malian ऐड्रेस पर जाने वाले मेल्स को ब्लॉक कर दिया गया है.