ईयरफोन्स, ईयरबड्स और हेडफोन्स का चलन इन दिनों काफी बढ़ गया है. आपको सड़कों पर कई ऐसे लोग मिल जाएंगे, जो बिना वजह ही अपने कान में ईयरबड्स लगाए घूम रहे होंगे. इन गैजेट्स को लोगों की सहूलियत के लिए तैयार किया गया था, लेकिन अब ये फैशन का हिस्सा बन गए हैं. यूं तो इन गैजेट्स की वजह से एक्सीडेंट की कई खबरें आ चुकी हैं.
सड़क पर ईयरबड्स या हेडफोन का यूज खतरनाक है, ये सभी को पता है. मगर नई स्टडी में जो खुलासा हुआ है, वो आपको हैरान कर सकता है. संभव है कि आप ईयरफोन का इस्तेमाल कम कर दें.
हाल में BMJ Global Health में पब्लिश हुआ शोध ईयरफोन्स के दूरगामी परिणाम का खुलासा करता है. इस स्टडी के मुताबिक, लगभग एक अरब युवा और टीनएजर्स बहरेपन का शिकार होने की कगार पर है. इसकी वजह है ईयरफोन्स का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल.
लगातार तेज म्यूजिक सुनने की वजह से एक अरब लोग इस कगार पर पहुंच गए हैं. इस रिसर्च पेपर को अमेरिका के मेडिकल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ कैरोलिना के रिसर्चर्स ने रिप्रजेंट किया है.
रिसर्च पेपर के मुताबिक, इस मामले में सरकार को जल्द कोई बड़ा कदम उठाना चाहिए, जिससे लोगों की सेहत को हो रहे नुकसान को रोका जा सके. CDC (Center for Disease Control) की स्टडी में भी ऐसे ही रिजल्ट्स सामने आए हैं.
इस रिसर्च के मुताबिक, लगभग 12.5 परसेंट बच्चे और किशोर (लगभग 52 लाख) और 17 परसेंट युवा (लगभग 2.6 करोड़) की सुनने की क्षमता खत्म हो चुकी है. इतनी बड़ी संख्या में लोगों के बहरे होने की वजह जरूरत से ज्यादा शोर है.
WHO की एक अन्य रिपोर्ट में बताया गया है कि दुनियाभर में 43 करोड़ लोग बहरेपन से जूझ रहे हैं. अगर आप भी उन लोगों में से हैं, जो लंबे समय तक तेज आवाज में ईयरफोन या हेडफोन्स को इस्तेमाल करते हैं, तो आपके लिए ये खबर एक अलार्म की तरह है. अलार्म बहरेपन की ओर बढ़ते आपके कदम को रोकने का.
ना सिर्फ ईयरफोन बल्कि तेज आवाज में किसी भी गैजेट का इस्तेमाल हमने बहरेपन की ओर ले जा रहा है. अगर आप तेज आवाज में टीवी देखते हैं, तो ये भी आपकी सुनने की क्षमता को बहुत हद तक नुकसान पहुंचाता है.
शहरों में पहले से ही बहुत ज्यादा शोर है, जो लोगों को सुनने की क्षमता को लगातार कम कर रहा है. ऐसे में ईयरफोन और लाउड म्यूजिक का इस्तेमाल बहरेपन के खतरे और बढ़ाने जैसा है.