आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मेड इन इंडिया सेमीकंडक्टर चिप को लेकर एक बड़ी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि भारत इस साल यानी 2025 में अपनी मेड इन इंडिया सेमीकंडक्टर चिप को रोलआउट करेगा, जिसके बाद इसका प्रोडक्शन शुरू हो सकेगा. यह जानकारी उन्होंने मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित 'ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट 2025' के दौरान दी है.
भोपाल में चल रहे इस इवेंट के दूसरे दिन इलेक्ट्रोनिक्स एंड इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव वीडियो कॉल के जरिए जुड़े. इसके बाद उन्होंने कहा, 2025 में पहली मेड इन इंडिया सेमीकंडक्टर चिप को प्रोडक्शन के लिए तैयार कर लिया जाएगा.
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग ने महत्वपूर्ण गति हासिल की है. प्रधानमंत्री मोदी भोपाल और जबलपुर में दो इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्लस्टरों को मंजूरी दे चुके हैं.
मध्य प्रदेश में चल रही हैं इतनी इलेक्ट्रोनिक्स कंपनियां
मौजूदा समय में मध्य प्रदेश में 85 कंपनियां सक्रिय रूप से इलेक्ट्रोनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में काम कर रही हैं. उन्होंने आगे कि सरकार टेक्नोलॉजी सेक्टर में विकास के लिए प्रतिब्ध है और भविष्य कौशल कार्यक्रम के तहत 20 हजार इंजीनियरों को ट्रेनिंग की घोषणा हो चुकी है.
सेमीकंडक्टर चिप क्या है?
सेमीकंडक्टर चिप एक छोटा इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट होता है, जो सेमीकंडक्टर मैटेरियल यानी सिलिकॉन से बना होता है और इसमें इंटीग्रेटेड सर्किट (IC) मौजूद होते हैं. यह असल में एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों के लिए बहुत जरूरी कंपोनेंट है. सेमीकंडक्टर चिप प्रोसेसिंग, मेमोरी स्टोरेज और सिग्नल एम्प्लीफिकेशन जैसे काम को पूरा करता है. सेमीकंडक्टर चिपसेट कई प्रकार की होती हैं, जिसमें माइक्रोप्रोसेसर, मेमोरी चिप्स (RAM, फ्लैश स्टोरेज), ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) आदि शामिल हैं.
यह भी पढ़ें: यूपी में इन बच्चों को फ्री में मिलेगा स्मार्टफोन, बस पूरा करना होगा ये प्रोसेस
इतने लाख करोड़ तक पहुंचा ये सेक्टर
भारत ने पिछले एक दशक में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अभूतपूर्व स्पीड देखी है, जो 10 लाख करोड़ रुपये की कीमत तक पहुंच गया है. भारत मौजूदा समय में 2.5 लाख करोड़ रुपये का इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट कर रहा है, जिसमें मोबाइल (4 लाख करोड़ रुपये), लैपटॉप, सर्वर, टेलीकॉम उपकरण (75,000 करोड़ रुपये) और रक्षा और चिकित्सा इलेक्ट्रॉनिक्स शामिल हैं. इलेक्ट्रॉनिक्स टॉप 3 एक्सपोर्ट आइटम में से एक है.
यह भी पढ़ें: बिक गई स्मार्टफोन को रिप्लेस करने वाली कंपनी, HP ने Humane को खरीदा, 1,000 करोड़ में हुई डील
चिप डेवलपमेंट में किया है बड़ा प्रोग्रेस
भारत ने सेमीकंडक्टर चिप डेवलपमेंट में महत्वपूर्ण स्थान हासिल किया है, जहां एक साथ 5 यूनिट्स में काम चल रहा है. पहली मेड इन इंडिया चिप 2025 तक आएगी. साथ ही सरकार एडवांस्ड सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रोनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए 85 हजार इंजीनियर को ट्रेन कर रही है.
इलेक्ट्रोनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर को नई ऊंचाइयां मिलीं
अश्विनी वैष्णव ने आगे बताया कि प्रधानमंत्री के विजन और लीडरशिप ने भारत के इलेक्ट्रोनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है. इस अचीवमेंट के लिए उन्होने मध्य प्रदेश की जनता को भी बधाई दी.