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Apple और Google ने मिलाया हाथ, कौन ट्रैक कर रहा आपको? बताएगा नया फीचर

Unwanted Tracker Detection: मार्केट में तमाम ब्लूटूथ ट्रैकर मिलते हैं. इनका इस्तेमाल चीजों को ट्रैक करने के लिए किया जाता है. हालांकि, कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जो इन ट्रैकर्स की मदद से लोगों को ट्रैक करते हैं. ऐसे में गूगल और ऐपल ने हाथ मिलाया है, जिससे यूजर्स को अनजान ट्रैकर की आसानी से जानकारी मिल जाए. आइए जानते हैं इसकी डिटेल्स.

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Apple और Google ने मिलाया हाथ
Apple और Google ने मिलाया हाथ

Apple AirTag को कंपनी ने चीजों के ट्रैक करने के लिए बनाया था, लेकिन कई बार देखा गया है कि इसका गलत इस्तेमाल होता है. लोग इसका इस्तेमाल ब्लूटूथ ट्रैकर की तरह करने लगते हैं. AirTag और इस जैसे दूसरे प्रोडक्ट्स का काम चीजों को ट्रैक करना है. बहुत से लोग अपने सामान इधर-उधर भूल जाते हैं. 

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ऐसे में ये ट्रैकर्स यूजर्स को उनका सामान खोजने में मदद करते हैं. जब इसका गलत इस्तेमाल होने लगा, तो ऐपल ने अपने फोन्स में एक नया फीचर जोड़ा. इस फीचर की मदद से आप पता कर सकते हैं कि कोई अनजान AirTag तो आपके साथ नहीं चल रहा है. यानी कोई ट्रैकर आपको ट्रैक तो नहीं कर रहा है. 

गूगल ने डेवलपर्स कॉन्फ्रेंस में किया था ऐलान

हालांकि, इसे Android फोन्स में रेप्लिकेट करना पाना मुश्किल है. एंड्रॉयड फोन्स किसी थर्ड पार्टी ट्रैकर का पता इतनी आसानी से नहीं लगा सकते हैं, जितनी आसानी से iPhone में इसका पता चलता है. Google I/O 2023 में कंपनी ने ऐलान किया था कि वो ऐपल के साथ मिलकर इस पर काम कर रही है. 

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इसकी मदद से अनचाहे ब्लूटूथ ट्रैकर्स की जानकारी मिल जाएगी. चाहे ट्रैकर किसी भी कंपनी का क्यों ना हो, फोन पर इसकी जानकारी मिल जाएगी. ऐसा व्यापक इंडस्ट्री स्टैंडर्ड की मदद से किया जा सकेगा, जिसका इस्तेमाल Android और iOS दोनों करते हैं. इस काम में Samsung, Tile, Chipolo, eufy Security और दूसरे ट्रैकर मेकर्स भी शामिल हैं. 

जल्द ही लॉन्च हो सकता है फीचर

इसके लिए यूजर्स को किसी एक्स्ट्रा ऐप की जरूरत नहीं होगी. हालांकि, ऐलान के बाद से इस मामले में प्रोग्रेस काफी धीमी है. गूगल ने आगे बढ़कर एक तरीका लॉन्च किया है, जिसकी मदद से अनचाहे ट्रैकर्स का पता लगाया जा सकता है. हालांकि, ये कस्टम सॉल्यून पर बेस्ड है. जल्द ही हमें ये फीचर देखने को मिल सकता है. 

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Mishaal Rahman ने Detecting Unwanted Location Trackers का पहला वर्जन स्पॉट किया है. ये स्पेसिफिकेशन IETF (इंटरनेट इंजीनियरिंग टास्क फोर्स) पर उपलब्ध है. इस फीचर का ऐपल को लंबे वक्त से इंतजार था. उम्मीद है कि कंपनियां जल्द ही इस फीचर को रिलीज कर सकती हैं. 

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