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Google ने दुनिया को दिखाया फेक वीडियो? Gemini AI की हकीकत आई सामने

Google Gemini AI Video: गूगल ने इस हफ्ते अपना नया AI टूल रिलीज किया है. इस टूल की इंटरनेट पर खूब चर्चा हो रही है. चर्चा की वजह Gemini का हैंड्स ऑन वीडियो है, जिसमें इस AI का डेमो दिखाया गया है. हालांकि, इस वीडियो की असली कहानी अब सामने आ गई है. जिसके बाद सवाल उठ रहा है कि क्या गूगल ने लोगों को फेक वीडियो दिखाया है.

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Gemini AI का वीडियो क्या फर्जी है?
Gemini AI का वीडियो क्या फर्जी है?

Google ने अपना नया AI मॉडल Gemini पेश कर दिया है. इसके आते ही एक बार फिर इंटरनेट पर AI को लेकर चर्चा शुरू हो गई. लोगों को गूगल का ये AI मॉडल काफी ज्यादा आकर्षक लगा और उसकी वजह कंपनी की प्रेजेंटेशन थी. हालांकि, इस प्रेजेंटेशन की हकीकत जानने के बाद शायद गूगल पर लोगों का भरोसा कम हो जाएगा. 

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कंपनी ने एक वीडियो रिलीज किया था, जिसका टाइटल- Hands-on with Gemini: Interacting with multimodal AI था. इस वीडियो को YouTube पर कुछ ही देर में लाखों व्यूज मिले. इस बात में कोई संदेह नहीं है कि इन व्यूज की वजह Gemini के फीचर्स की चर्चा थी. 

इसमें यूजर और Gemini के बीच इंटरैक्शन को दिखाया गया है. जिस तरह के ये AI मॉडल चीजों को पहचानता है और उनके बारे में बताता है, उस पर यकीन करना मुश्किल हो जाता है. अब ये साफ भी हो गया है कि इस पर यकीन क्यों नहीं हो रहा था. क्योंकि ये वीडियो काफी हद तक फेक है. 

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किसी फिल्म का सीन लगता है Google का वीडियो

वीडियो की शुरुआत एक स्क्रैच के नरेशन से होती है. जिसमें एक यूजर पेपर पर स्क्रैच कर रहा होता है और फिर वो एक बतख बनाता है. इस बतख के स्क्रैच के बाद यूजर एक रबर का बतख लाता है, जिसे देखकर AI सरप्राइस हो जाता है. इसके बाद दिखाया जाता है कि कैसे Gemini AI तमाम गेम्स का अंजादा लगाता है. ये सब कुछ देखने में बहुत ही आकर्षक लगता है. 

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आयरन मैन में टोनी स्टार्क के AI असिस्टेंट जारविस की तरह Gemini AI भी तमाम चीजों के जवाब दे रहा होता है, लेकिन हकीकत अलग है. असल में ये सब कुछ एडिट किया गया था. हालांकि, वीडियो में बताया जाता है कि लेटेंसी को कम किया गया है और Gemini के आउटपुट को छोटा किया गया है. 

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ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक गूगल के स्पोकपर्सन ने बताया, 'हमने Gemini की तमाम क्षमताओं को टेस्ट करते हुए इस डेमो को कैप्चर किया है. इसके बाद हमने Gemini को फुटेज में से तस्वीरों को निकालकर प्रॉम्प्ट दिया. प्रॉम्प्ट टेस्ट के रूप में दिए गए थे.'

क्या गूगल ने हमें फर्जी वीडियो दिखाया?

भले ही Google का नया AI वीडियो में दिखाए गए काम को कर सकता है, लेकिन जिस तरह से इन्हें दिखाया गया है Gemini वैसे काम नहीं करेगा. Gemini के को-लीड और गूगल डीपमाइंड में रिसर्च और डीप लर्निंग के वीपी, Oriol Vinyals ने इस बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किया है. 

उन्होंने इस ब्लॉग में बताया है कि किस तरह से Gemini ने इस पूरे काम को किया है. इसका एक असली वीडियो भी उन्होंने शेयर किया है, जिसमें Gemini को असल वीडियो से फोटोज देकर प्रॉम्प्ट दिया जा रहा है. इस प्रॉम्प्ट के बाद Gemini उस फोटो को रीड करके जवाब देता है. कुल मिलाकर वीडियो में जो दिखाया गया है, जो सही है, लेकिन जिस ढंग से उसे दिखाया गया है वो सब गलत है.

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