Google ने अपना नया AI टूल Gemini लॉन्च कर दिया है. ये टूल कई मामलों में इंसानों की तरह काम करता है. मसलन किसी चीज को देखकर अगर अंदाजा लगाना हो, तो ये इंसानों की तरह ही उसे पहचानता है. ये एक मल्टीमोडल जनरल AI मॉडल है, जिसे गूगल अब तक का सबसे पावरफुल AI टूल बता रहा है.
नए AI मॉडल को कंपनी ने तीन साइज- अल्ट्रा, प्रो और नैनो में लॉन्च किया है. OpenAI के AI टूल को टक्कर देने के लिए Google ने इसे लॉन्च किया है. तो क्या ये ChatGPT से बेहतर है. आइए जानते हैं Gemini से जुड़ी कुछ खास बातें.
गूगल ने इस साल की शुरुआत में Bard को लॉन्च किया था, लेकिन वो ChatGPT के मुकाबले कमजोर और जल्दबाजी में रिलीज किया वर्जन दिखता था. Gemini उससे आगे की कहानी है.
Google DeepMind के फाउंडर और CEO Demis Hassabis ने बताया, Gemini हमें AI के उस वर्जन के नजदीक लाया है, जो सॉफ्टवेयर का स्मार्ट पीस होने के साथ हमारे लिए उपयोगी है- ये एक एक्सपर्ट हेलपर या असिस्टेंट की तरह है.
ये एक मल्टीमोडल टूल है, जिसका मतलब है कि ये टेक्स्ट, कोड, ऑडियो, इमेज और वीडियो को समझ सकता है और ऑपरेट कर सकता है. ये सिर्फ इंफॉर्मेशन देने तक सीमित नहीं है. वहीं ChatGPT की बात करें, तो ये फिलहाल वीडियो पर काम नहीं कर सकता है.
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Google का दावा है कि Gemini Ultra लार्ज लैंग्वेज मॉडल पर काम करता है. ये पहला मॉडल है जो एक्सपर्ट्स इंसानों की तरह काम कर सकता है, बल्कि कई बार उनसे बेहतर काम कर सकता है.
ये मैसिव मल्टीटास्क लैंग्वेज अंडरस्टैंडिंग में इंसानों से बेहतर काम करता है. इसमें मैथ, फिजिक्स, हिस्ट्री, लॉ, मेडिकल और एथिक्स जैसे 57 सब्जेक्ट का नॉलेज शामिल होता है. ये टूल तमाम कोडिंग लैंग्वेज को भी समझ सकता है.
Gemini को गूगल ने तीन साइज में लॉन्च किया है. अल्ट्रा सबसे पावरफुल मॉडल है, जो कॉम्प्लेक्स टास्क को भी आसानी से कर सकता है. हालांकि, इस मॉडल ने अभी ट्रस्ट एंड सेफ्टी चेक को पूरा नहीं किया है, इसलिए सीमित लोगों के लिए ही उपलब्ध है. ये अगले साल डेवलपर्स और एंटरप्राइसेस के लिए उपलब्ध होगा.
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प्रो मॉडल भी कई काम कर सकता है, जिसे बार्ड के साथ रेगुलर यूज के लिए दुनियाभर में रिलीज किया गया है. बार्ड पर आपको Gemini Pro का स्पेशल वर्जन मिल जाएगा. Gemini Nano ऑन डिवाइस टास्क को कर सकता है. इस वर्जन को Google Pixel 8 Pro पर रिलीज किया गया है.
इस वक्त पर हमने इस टूल को यूज नहीं किया है, लेकिन जितना गूगल के प्रोमो और वीडियो में देखा है, ये ChatGPT-4 से एक कदम आगे दिखता है. इसमें वीडियो को समझने देखने की काबिलियत है. ये ज्यादा फ्लेक्सिबल है. यहां तक की ये बिना इंटरनेट के भी काम करने की क्षमता रखता है.
अगर ChatGPT-4 vs Google Gemini की बात करें, तो कई पॉइंट्स में गूगल का नया AI टूल बेहतर लगता है. दूसरी सबसे बड़ी बात ये है कि Gemini यूजर्स के लिए फ्री है, जबकि ChatGPT-4 के लिए पैसे देने होते हैं.