गूगल पिछले कुछ वक्त से एंटी-ट्रस्ट मामले का सामना कर रहा है. इस मामले में गूगल पर आरोप लगा है कि मार्केट में अपना दबदबा बनाने के लिए कंपनी ने गलत तरीका का इस्तेमाल किया है. कुछ वक्त पहले ही खुलासा हुआ है कि Google ने ऐपल को अरबों डॉलर दिए. ये पैसे सफारी पर गूगल को डिफॉल्ट सर्च इंजन बनाने के लिए दिए गए थे.
अब ऐसी ही कुछ जानकारी सैमसंग को लेकर सामने आई है. गूगल के एक एक्जीक्यूटिव ने जानकारी दी है कि कंपनी ने सैमसंग को अरबों डॉलर दिए हैं. ये पैसे गूगल प्ले स्टोर, असिस्टेंट, सर्च इंजन और दूसरी सर्विसेस को सैमसंग फोन्स में डिफॉल्ट बनाने के लिए दिए गए थे. इसका खुलासा Google vs Epic Games के ट्रायल में हुआ है.
सोमवार को गूगल के वॉयस प्रेसिडेंट James Kolotouros ने खुलासा किया कि कंपनी ने सैमसंग समेत तमाम स्मार्टफोन मैन्युफैक्चर्र्स से डील साइन की थी, जिसके तहत उन्हें एंड्रॉयड फोन्स पर गूगल प्ले स्टोर इंस्टॉल करना था. Bloomberg की रिपोर्ट के मुताबिक, Kolotouros ने ट्रायल के दौरान जानकारी दी है कि Google प्ले स्टोर का आधा कस्टमर रेवेन्यू सैमसंग डिवाइस से आता है.
एक्जीक्यूटिव ने बताया कि कंपनी एक ऐसा सिस्टम तैयार करने की प्लानिंग कर रही थी, जिसके तहत स्मार्टफोन मेकर्स से प्ले स्टोर के रेवेन्यू को शेयर किया जाता. इसके लिए कंपनियों को अपने फोन्स में गूगल ऐप्स प्री-इंस्टॉल्ड देने थे. साल 2019 में शुरू हुए Project Banyan के तहत कंपनी ने 20 करोड़ डॉलर की डील सैमसंग से करना चाहती थी.
इसके तहत सैमसंग को अपने गैलेक्स स्टोर्स के ऐप्स को प्ले स्टोर के जरिए डिस्ट्रिब्यूट करना था. हालांकि, ये डील नहीं हो पाई, जिसके बाद कंपनी सैमसंग को 8 अरब डॉलर चार साल में देने के लिए राजी हो गई.
अल्फाबेट CEO सुंदर पिचाई ने भी बताया था कि ऐपल डिवाइसेस पर गूगल सर्च इंजन को डिफॉल्ट इंजन बनाने के लिए वे कंपनी से सफारी सर्च रेवेन्यू का 36 परसेंट हिस्सा शेयर करते हैं.