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Google चुपके से ट्रैक करता है यूजर्स की लोकेशन? सेटलमेंट के लिए भरेगा 7.7 अरब रुपये

Google Location tracker: गूगल अपने यूजर्स की लोकेशन को ट्रैक करता है, लेकिन कंपनी कहती है वो यूजर्स को उनकी मर्जी के खिलाफ ट्रैक नहीं करते हैं. इस तरह की बहस कई बार हो चुकी है और कंपनी हमेशा यही कहती है कि वो लोकेशन ऑफ करने पर यूजर्स को ट्रैक नहीं करती है. ऐसे ही एक मामले में कंपनी 7.7 अरब रुपये सेटलमेंट के लिए दे रही है.

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लोकेशन ट्रैंकिंग के नाम पर Google भर रहा 7.7 अरब रुपये
लोकेशन ट्रैंकिंग के नाम पर Google भर रहा 7.7 अरब रुपये

क्या Google हमेशा यूजर्स की लोकेशन ट्रैक करता रहता है? कंपनी ऐसे आरोपों से इनकार करती है, लेकिन बार-बार कंपनी पर ऐसे आरोप लगते रहते हैं. कभी मैप एकुरेसी के नाम पर, तो कभी नए प्रोडक्ट्स और फीचर्स डेवलप करने के लिए या फिर रिलेवेंट ऐड्स के नाम पर गूगल आपको ट्रैक करता रहता है.

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जैसे ही आप किसी प्रोडक्ट्स को खरीदने के बारे में बातचीत करते हैं, गूगल आपको वैसे ही Ads दिखाने लगता है. गूगल अपने यूजर्स को कई कारणों से ट्रैक करता है. हालांकि, गूगल हमेशा इससे इनकार करता रहा है. कंपनी कहती है वे ट्रैकिंग डिसेबल करने के बाद यूजर्स की लोकेशन को ट्रैक नहीं करती है, लेकिन ऐसा लगता है ये सच नहीं है. 

Google पर लगा आरोप

हाल में एक केस में Google पर कंज्यूमर्स को मिसलीड करने का आरोप लगा है. कंज्यूमर्स की लोकेशन कैसे ट्रैक और स्टोर होती है, कंपनी ने इसकी सही जानकारी नहीं दी है. रिपोर्ट्स की मानें, तो इस मामले में सेटलमेंट के लिए कंपनी 9.3 करोड़ डॉलर, लगभग 7.7 अरब रुपये देगी. 

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इस लॉसूट को कैलीफोर्निया के अटॉर्नी जनरल ने Rob Bonta ने फाइल किया था. इस मुकदमे में कंपनी पर आरोप लगाया गया कि यूजर्स को लोकेशन कंट्रोल को लेकर गलत जानकारी दी गई है.

क्या है अटॉर्नी जनरल का कहना?

रॉब ने बताया, 'हमारी पड़ताल में पता चला कि Google अपने यूजर्स को बता रहा है कि वो लोकेशन डिसेबल करने के बाद लोकेशन ट्रैक नहीं करता है, लेकिन वो इसके उलटा करता है. कंपनी अपने फायदे के लिए लगातार यूजर्स की मूवमेंट को ट्रैक करती है.'

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हालांकि, कंपनी ने इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया है, लेकिन इस मामले को सेटल करने के लिए तैयार हो गई है. कंपनी 9.3 करोड़ डॉलर के सेटलमेंट के साथ अन्य दायित्वों को निभाने के लिए भी तैयार है. कंपनी लोकेशन ट्रैकिंग प्रैक्टिस को और ज्यादा पारदर्शी बनाएगी, यूजर्स को लोकेशन यूज करने से पहले जानकारी देगी और दूसरे कदम उठाएगी.

टेक कंपनियों पर लग चुका है आपरोप 

ऐसा नहीं है कि सिर्फ गूगल ही यूजर्स की लोकेशन ट्रैक करता है या फिर उनकी बातचीत पर नजर रखता है. बल्कि दूसरी टेक कंपनियां भी ऐसा करती हैं, उन पर कई बार ऐसे आरोप लग चुके हैं. हालांकि, ये कंपनियां इन सभी आरोपों से इनकार करती हैं. मेटा पर इस साल की शुरुआत में ही 1.2 अरब यूरो का फाइन लगा था.

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