साइबर फ्रॉड्स के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. हर दिन ना जाने कितने ही लोग स्कैमर्स के जाल में फंसकर अपनी जमापूंजी गंवा देते हैं. मुंबई पुलिस साइबर डिटेक्शन अधिकारियों और गमदेवी पुलिस स्टेशन की टीम ने मिलकर तीन अलग-अलग मामलों में लोगों को ठगी से बचाया है. ठगों ने इन लोगों से संपर्क किया था और फिर उन्हें विश्वास में लेकर उनके साथ फ्रॉड भी किया.
इन सभी मामलों में IT ऐक्ट के तमाम धाराओं के तहत केस दर्ज किए गए हैं. पुलिस और साइबर डिटेक्शन टीम की तेजी से इन लोगों के साथ हुई ठगी के 17 लाख रुपये को फ्रीज किया जा सका है. आइए जानते हैं इन मामलों की डिटेल्स.
एक मामले में पीड़ित 37 साल का बैंक कर्मी है. उन्हें अनजान नंबर से वॉट्सऐप कॉल आई, जिसमें उनसे YouTube चैनल सब्सक्राइबर करने के बदले पैसे देने का लालच दिया गया है. स्कैमर्स ने उन्हें एक चैनल सब्सक्राइबर करने के बदले 160 रुपये ऑफर किया था.
ये भी पढ़ें- Dark Pattern Scam क्या है? जो कर देता है आपको कुछ भी खरीदने पर मजबूर
फ्रॉडस्टर्स ने खुद को Depshoft advertising से बताया था. आरोपियों ने उन्हें एक लिंक भेजा और YouTube चैनल को सब्सक्राइबर करने के लिए कहा. जैसे ही उन्होंने लिंक पर क्लिक किया, उनके अकाउंट से 8.32 लाख रुपये कट गए.
दूसरा मामला क्रेडिट कार्ड स्कैम का है, जो एक बिजनेसमैन के साथ हुआ है. पीड़ितो ने बताया कि उन्हें कथित Axis बैंक की ओर से कॉल आई थी. उनसे पूछा गया कि क्या वो अपने कार्ड के पॉइंट बढ़ाना चाहते हैं.
इसके लिए स्कैमर ने उन्हें एक लिंक सेंड किया और उनके अकाउंट्स से 1.92 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन कर लिया. पीड़ित ने बताया कि उन्होंने OTP शेयर किया था और उनके अकाउंट से पैसे कट गए.
ये भी पढ़ें- सबसे बड़ा डेटा लीक! Dark Web पर 81.5 करोड़ भारतीयों की डिटेल्स, हैकर का दावा
पुलिस ने बताया कि इन मामलों में किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है, ना ही किसी अपराधी की पहचान हो सकी है. लेकिन समय पर कार्रवाई की वजह से बैंक्स आरोपियों के अकाउंट्स को फ्रीज करने में कामयाब रहे.
साइबर डिटेक्शन ऑफिसर और AI विकास शिंदे ने कहा, 'ये जरूरी है कि साइबर क्राइम होने के तुरंत बाद ही उसे रिपोर्ट किया जाए. इन मामलों में सभी पीड़ित पढ़े लिखे थे, लेकिन स्कैमर्स के जाल में फंस गए.'
तीसरे मामले में पीड़ित एक महिला हैं, जो IT फर्म में काम करती हैं. उन्हें अनजान नंबर से एक मैसेज आया था, जो रेगुलर ट्रेडिंग या शेयर्स में इन्वेस्टमेंट के लिए था. इसके बाद स्कैमर ने टेलीग्राम ऐप पर उनसे संपर्क करने के लिए कहा.
जहां उसने महिला को एक लिंक दिया, जिस पर क्लिक करते ही उनके अकाउंट से 7.2 लाख रुपये कट गए. पुलिस ने बताया कि लिंक पर क्लिक करने के बाद स्कैमर्स को महिला के फोन में मौजूद तमाम डिटेल्स का एक्सेस मिल गया था.