scorecardresearch
 

CERT-In: सरकारी एजेंसी ने जारी की वॉर्निंग, इन यूजर्स के फोन पर है हैकर्स का खतरा, जानिए डिटेल्स

CERT-In Update: बहुत से लोग अपने फोन और दूसरे डिवाइसेस को वक्त पर अपडेट नहीं करते हैं. ऐसा ना करना आपके डिवाइस को रिस्क में डाल सकता है. दरअसल, हैकर्स इन डिवाइसेस में मौजूद खामियों को खोजकर यूजर्स को टार्गेट करते हैं. ऐसी ही खामी iOS और iPad OS में पाई गई है. CERT-In ने इसके लिए Apple यूजर्स को लेटेस्ट OS पर अपडेट करने की सलाह दी है.

Advertisement
X
CERT-In की वॉर्निंग, रिस्क पर तो नहीं यूज कर रहे अपना फोन
CERT-In की वॉर्निंग, रिस्क पर तो नहीं यूज कर रहे अपना फोन

हैकर्स लोगों को टार्गेट करने के लिए मौके की तलाश में रहते हैं. ऐसे में अगर आपका फोन पुराने OS वर्जन पर काम करता है, तो आप भी हैकिंग की जद में आ सकते हैं. CERT-In (Computer Emergency Response Team) ने ऐपल यूजर्स के लिए चेतावनी जारी की है, जिसमें एक खामी को लेकर बताया गया है. 

Advertisement

इस वॉर्निंग के बारे में 14 अक्टूबर 2023 को जारी की गई वल्नेरेबिलिटी Note CIVN-2023-0303 में बताया गया है. इस नोट में Apple iOS और iPad OS में मौजूद वल्नेरेबिलिटीज की डिटेल्स दी गई है.

क्या है CERT-in?

CERT-In मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स और इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी के तहत आने वाली एजेंसी है. आसान भाषा में कहें, तो इस सरकारी एजेंसी का काम साइबर सिक्योरिटी से जुड़े मामलों से डील करना होता है.

ये एजेंसी लगातार इंटरनेट से जुड़ी तमाम चीजों को मॉनिटर करती रहती है, जिसकी मदद से लोगों को वक्त पर किसी खतरे की जानकारी दी जा पाती है. हाल में जारी अपने नोट में CERT-In ने पुराने iOS और iPad OS को लेकर यूजर्स को चेताया है. 

ये भी पढ़ें- फ्री में फोन से दूर होंगे वायरस और बॉट्स, सरकारी वेबसाइट पर मिलेंगे कई टूल्स

Advertisement

हैकर्स कर सकते हैं टार्गेट

इस खामी की वजह से हैकर्स टार्गेटेड डिवाइस का फुल कंट्रोल रिमोटली हासिल कर सकते हैं. दरअसल, iOS और iPadOS में मौजूद वल्नेरेबिलिटी का फायदा उठाकर हैकर्स टार्गेटेड डिवाइस के रिमोट एक्सेस के लिए एक छिपी हुई रिक्वेस्ट कर सकते हैं. अगर आपका iPhone या iPad का ऑपरेटिंग सिस्टम 16.7.1 से पहले का है, तो आप रिस्क में हैं.

इससे बचने के लिए आपको अपना डिवाइस अपडेट कर लेना चाहिए. CERT ने इस मामले में यूजर्स को लेटेस्ट सिक्योरिटी अपडेट करने के लिए कहा है. ऐपल ने इन खामियों को दूर करने के लिए पहले ही सिक्योरिटी अपडेट जारी कर दिया है. समय पर अपडेट नहीं मिलने का मतलब है कि आप रिस्क पर फोन यूज कर रहे हैं. 

पढ़ें- कितना सेफ है Incognito Mode? क्या कोई चेक कर सकता है आपकी ब्राउजिंग हिस्ट्री?

अपडेट के ये भी हैं फायदे 

ऑपरेटिंग सिस्टम अपडेट करने के बाद ना सिर्फ डिवाइस से खामियां दूर होती हैं. बल्कि फोन की परफॉर्मेंस भी बेहतर होगी. कंपनियां OS अपडेट में बग फिक्स और ऑप्टमाइजेशन भी करती हैं. इसके साथ ही आपको नए फीचर्स भी मिलेंगे.

कुल मिलाकर OS अपडेट के बाद आपको बेहतर परफॉर्मेंस मिलेगी. इसलिए सभी यूजर्स को समय-समय पर फोन को अपडेट करते रहना चाहिए. वैसे तो सॉफ्टवेयर अपडेट का नोटिफिकेशन आपको ऑटोमेटिक मिल जाता है. फिर भी आप सेटिंग में जाकर लेटेस्ट सॉफ्टवेयर अपडेट के लिए चेक कर सकते हैं.

Advertisement

इसके लिए आपको सेटिंग में जाने के बाद सॉफ्टवेयर अपडेट सर्च करना होगा. इसके बाद आपको लेटेस्ट अपडेट के लिए चेक पर क्लिक करना होगा. अगर कोई अपडेट पेंडिंग होगा, तो आपको यहां पर जानकारी मिल जाएगी.

Live TV

Advertisement
Advertisement