AI की रेस में अब जियो भी शामिल हो गया है. हालांकि, Jio का AI ChatGPT और दूसरे AI से अलग है. जियो प्लेटफॉर्म्स ने Jio Brains को लॉन्च किया है, जो एंटरप्राइसेस के लिए AI और मशीन लर्निंग प्लेटफॉर्म है. यानी कंपनी का फोकस आम लोग नहीं बल्कि कंपनियां हैं.
ये प्लेटफॉर्म 5G इंटीग्रेटेड सर्विस के साथ आता है, जो टेलीकॉम नेटवर्क, एंटरप्राइस नेटवर्क्स और इंडस्ट्रीज स्पेसिफिक IT एनवायरनमेंट को अपने रेगुलर ऑपरेशन में मशीन लर्निंग और AI टूल जोड़ने की सुविधा देता है. आसान शब्दों में कहें, तो ये प्लेटफॉर्म कंपनियों को अपने कामकाज के तरीकों में AI और मशीन लर्निंग की पावर जोड़ने देता है.
Jio Brain एक एंटरप्राइस और मोबइल रेडी लार्ज लैंग्वेज मॉडल सर्विस ऑफर करता है, जिसका इस्तेमाल जनरेटिव AI फीचर्स का लाभ उठाने के लिए क्लाइंट्स कर सकेंगे. इस क्लाउड नेटिव प्लेटफॉर्म पर 500 REST API और डेटा API मौजूद हैं, जो कंपनियों को अपनी जरूरत के मुताबिक कस्टमाइज मशीन लर्निंग सर्विस क्रिएट करने की सुविधा देते हैं.
इस प्लेटफॉर्म की लॉन्चिंग की जानकारी Jio के सीनियर वायस प्रेसिडेंट आयुष भटनागर ने LinkedIn पर दी है. उन्होंने बताया कि Jio Brain को दो साल की रिसर्च के बाद तैयार किया गया है, जिसमें सैकड़ों इंजीनियर शामिल थे. इस अनाउसमेंट के साथ उन्होंने एक डॉक्यूमेंट भी अटैच किया है.
इस डॉक्यूमेंट के मुताबिक, Jio Brain इंडस्ट्री का पहला 5G इंटीग्रेटेड मशीन लर्निंग प्लेटफॉर्म है. भटनागर ने अपनी पोस्ट में बताया, 'Jio Brain नई 5G सर्विसेस तैयार करने, इंटरप्राइसेस को ट्रांसफॉर्म करने, नेटवर्क ऑप्टमाइज करने में और 6G डेवलपमेंट के लिए स्टेज सेट करने में मदद करेगा.'
ये प्लेटफॉर्म AI और मशीन लर्निंग दोनों ही पावर्स के साथ आता है, जो ऑटोमेशन और जनरेटिव AI जैसी दोनों सुविधाएं ऑफर करता है. इंटरप्राइसेस इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नैचुरल लैंग्वेज प्रॉसेसिंग और AI जनरेटिव टास्क में कर सकते हैं. यानी इसकी मदद से यूजर्स फोटो से वीडियो, टेक्स्ट से म्यूजिक, टेक्स्ट से ईमेज और वीडियो जनरेशन कर सकते हैं. इस पर कोडिंग भी की जा सकती है.