Lebanon Pager Blast: लेबनान और सीमावर्ती सीरिया के कुछ इलाकों में पेजर में सिलसिलेवार ब्लास्ट हुए. इस हादसे में कई लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं, 4000 से अधिक लोग घायल बताए गए. जानकारी के मुताबिक, पेजर्स को हैक कर ब्लास्ट किया गया. अब सवाल आता है कि पेजर्स होता क्या है, क्या पेजर्स की तरह मोबाइल को हैक किया जा सकता है.
पेजर एक ऐसा डिवाइस है, जिसकी मदद से मैसेज भेजने और रिसीव करने के लिए किया जाता है. यह अपने समय में काफी लोकप्रिय था. भारत समेत दुनियाभर में पहले यह काफी पॉपुलर था. खासकर डॉक्टर, बिजनेसमैन और इमरजेंसी सेवाओं के प्रोफेशनल्स इसका इस्तेमाल करते थे.
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पेजर डिवाइस, रेडियो सिग्नल के जरिए टेक्स्ट मैसेज को सेंड और रिसीव करता. यह मुख्य रूप से तब काम आता था जब मोबाइल फोन इतने पॉपुलर नहीं थे और मोबाइल सर्विस काफी महंगी भी थी.
पेजर का सिक्योरिटी सिस्टम बहुत ज्यादा मजबूत नहीं होता है. पेजर सिस्टम इनक्रिप्टेड नहीं होते हैं, जिसकी वजह से इसमें मौजूद डेटा को कैप्चर किया जा सकता है और इसको हैक किया जा सकता है. इसके बाद हैकर्स अपनी कमांड आदि दे सकते हैं.
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पेजर की तुलना में मोबाइल का सिस्टम एडवांस और मॉडर्न होता है. पेजर की तुलना में मोबाइल को हैक करना काफी मुश्किल है. फोन हैक करना, उसके ऑपरेटिंग सिस्टिम और सिक्योरिटी सिस्टम पर भी निर्भरत करता है. Android की तुलना में iOS को ज्यादा सेफ माना जाता है. पेजर की तुलना में मोबाइल सुरक्षित होते है. हालांकि ये कहना भी गलत होगा कि इसे कभी हैक नहीं किया जा सकता है.
कोई स्मार्टफोन या फिर एक पेजर बम कैसे बन जाता है? वर्तमान समय में एक्सप्लोसिव्स के छोटे रूप को एक डिवाइस में आसानी से फिट किया जा सकता है. इसके लिए C4 जैसे एक्सप्लोसिव का इस्तेमाल किया जाता है.
इन विस्फोटकों को फोन या पेजर की बैटरी में फिट किया जाता है. इसके बाद वायरलेस सिग्नल का इस्तेमाल किया जाता है. ये सिग्नल ब्लूटूथ या मोबाइल नेटवर्क किसी भी तरह से भेजे जा सकते हैं, जिससे बैटरी का तापमान बढ़ेगा और एक्सप्लोसिव रिएक्ट करेगा.